चंडीगढ़, 15 मार्च 2026: हरियाणा ने ‘टीबी मुक्त पंचायत’ पहल के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिसके अंतर्गत राज्य की कुल 6,237 पंचायतों में से 2,157 (लगभग 35 प्रतिशत) पंचायतें वर्ष 2025 के लिए टीबी मुक्त प्रमाणन हेतु पात्र पाई गई हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों में इस अभियान ने चार गुना प्रगति की है। वर्ष 2023 में जहाँ केवल 574 पंचायतें इस श्रेणी में थीं, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 1,855 हुई और अब 2025 में 2,157 पंचायतों ने सत्यापन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार कर लिया है।
इन पात्र पंचायतों में से 211 को गोल्ड, 646 को सिल्वर और 1,300 को ब्रोंज सर्टिफिकेट से सम्मानित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2023 में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सशक्त बनाना है। डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यह प्रमाणन एक त्रि-स्तरीय प्रक्रिया पर आधारित है, जिसमें निरंतर टीबी मुक्त रहने की अवधि के अनुसार गोल्ड, सिल्वर और ब्रोंज श्रेणियां निर्धारित की गई हैं।
जिलावार प्रदर्शन में अंबाला, भिवानी, पंचकूला और कुरुक्षेत्र जैसे जिलों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। आगामी 24 मार्च को ‘विश्व टीबी दिवस’ के अवसर पर जिला उपायुक्तों द्वारा इन पंचायतों को आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपे जाएंगे।
छह कड़े मानकों और जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा गहन सत्यापन के बाद ही इन पंचायतों का चयन किया गया है, जो हरियाणा के टीबी उन्मूलन संकल्प की सफलता को दर्शाता है।