कहा, युद्ध के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
फ़तेहाबाद, 13, मार्च 2026 (संजीव शर्मा) : भारतीय जनता पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी कंवल चौधरी ने कहा कि यूक्रेन युद्ध से लेकर आज तक पूरी दुनिया ने देखा है कि किस प्रकार युद्ध का प्रभाव वैश्विक बाजार, ऊर्जा आपूर्ति और आम नागरिकों के जीवन पर पड़ता रहा है। इसके बावजूद भारत सरकार ने हर परिस्थिति में देश के नागरिकों को राहत देने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि युद्ध या वैश्विक संकटों से बनी परिस्थितियों का बोझ देश के किसानों और आम जनता पर न पड़े। सरकार की नीतियों के कारण आज भी भारत में आवश्यक वस्तुओं और ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति संतुलित बनी हुई है। कंवल चौधरी ने कहा कि इन दिनों कुछ लोग एपीजी को लेकर अनावश्यक भ्रम और डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोग केवल अपना एजेंडा चलाने के लिए देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अफवाहें फैलाकर ये लोग खुद भी जनता के सामने बेनकाब हो रहे हैं और देश को भी नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है, विपक्षी भ्रम फैला रहे हैं। सामान्य दिनों की तरह ही घरेलू गैस की सप्लाई हो रही है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का यह दौर असाधारण परिस्थितियों से भरा हुआ है। एक ओर दुनिया युद्ध की विभीषिका झेल रही है और वैश्विक सप्लाई चेन बार-बार प्रभावित हो रही है। वहीं संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कंवल चौधरी ने कहा कि इन चुनौतियों के बीच भी भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। आज विश्व के महत्वपूर्ण देशों और नेतृत्व की नजर भारत पर है और हर कोई भारत से उम्मीदें लगाए बैठा है। उन्होंने कहा कि भारत प्रतिदिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल का उपयोग करता है और इसके लिए सरकार ने विभिन्न देशों के साथ मजबूत आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित की हुई है, ताकि किसी भी वैश्विक संकट का असर देश की ऊर्जा सुरक्षा पर न पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण भारत
आज वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और भरोसेमंद देश के रूप में उभर कर सामने आया है। आने वाले समय में भी भारत न केवल अपने नागरिकों के हितों की रक्षा करेगा बल्कि वैश्विक स्थिरता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






