आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह के लिए दी जाती है आर्थिक सहायता
फ़तेहाबाद, 13, मार्च 2026 (संजीव शर्मा) : हरियाणा सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना समाज में समानता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता प्रदान कर उनकी चिंताओं को कम करना है।
डीसी डॉ. विवेक भारती ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों के जरूरतमंद परिवारों की बेटियों तथा दिव्यांगजनों के विवाह के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करने हेतु यह योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और बेटियों के विवाह को प्रोत्साहित करने का एक सराहनीय प्रयास है।
डीसी ने बताया कि योजना के तहत अनुसूचित जाति तथा विमुक्त जाति/टपरीवास जाति के ऐसे लाभार्थी जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है, उनकी बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जाती है। इसके अलावा पिछड़े वर्ग तथा सामान्य वर्ग के पात्र परिवारों की बेटियों के विवाह पर 41 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
उन्होंने बताया कि सभी वर्गों की विधवा, तलाकशुदा, निराश्रित, अनाथ महिलाओं तथा निराश्रित बच्चों (जिनकी पारिवारिक आय 1.80 लाख रुपये प्रति वर्ष या उससे कम है) के विवाह के लिए 51 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जाती है। इसी प्रकार यदि विवाह में दोनों वर-वधू दिव्यांग हों तो 51 हजार रुपये, जबकि केवल एक वर या वधू दिव्यांग होने की स्थिति में 41 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। इसके अलावा खिलाड़ी महिलाओं (किसी भी वर्ग की) को भी इस योजना के तहत 41 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जाती है।
डीसी ने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को अपनी बेटी के विवाह के बाद 6 माह के भीतर विवाह पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है तथा आवेदक https://shaadi.haryana.gov.in/ पोर्टल पर जाकर विवाह पंजीकरण के साथ-साथ मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
डीसी ने सभी पात्र परिवारों से अपील करते हुए कहा कि वे सरकार की इस कल्याणकारी योजना का लाभ अवश्य उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
फोटो: फतेहाबाद। डीसी डॉ. विवेक भारती। फाइल फोटो






