चंडीगढ़/मोहाली, 12 मार्च 2026: पंजाब की महिलाओं पर दी गई कथित विवादित टिप्पणी के मामले में पंजाब राज्य महिला आयोग द्वारा तलब किए गए कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा आज व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति में उनके पुत्र और अधिवक्ता मेहताब सिंह खैरा ने आयोग के कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष प्रस्तुत किया और लिखित जवाब दाखिल किया।
क्या है पूरा मामला?
उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार द्वारा महिलाओं को दी जाने वाली 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता को लेकर सुखपाल खैरा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी। महिला आयोग ने इस टिप्पणी को महिलाओं की गरिमा और मान-मर्यादा के खिलाफ मानते हुए इसका स्वतः संज्ञान (Suo-Moto) लिया था। आयोग की चेयरपर्सन ने सख्त रुख अपनाते हुए खैरा को 12 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए थे।
आयोग का रुख:
आयोग की चेयरपर्सन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के खिलाफ अभद्र शब्दावली का प्रयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, खैरा की जगह उनके बेटे मेहताब सिंह खैरा ने कानूनी दलीलें पेश करते हुए अपना पक्ष रखा है।
विधानसभा में हुआ भारी हंगामा:
इस मुद्दे की गूंज आज पंजाब विधानसभा में भी सुनाई दी। सदन में कांग्रेस विधायक की टिप्पणी को लेकर भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद सत्ता पक्ष और अन्य सदस्यों द्वारा खैरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। विधानसभा में इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अब इसे विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया गया है।






