पटियाला, 8 मार्च 2026। किरपाल सिंह बडुंगर,पूर्व अध्यक्ष शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, ने विभिन्न स्थानों पर हो रही गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि Punjab सरकार को चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान ही गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी रोकने के लिए सख्त से सख्त कानून बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर धर्म, धार्मिक ग्रंथ और धार्मिक स्थलों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी होती है और सरकार को अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाना चाहिए। प्रो. बडूंगर ने कहा कि पहले भी पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले सामने आए हैं और अब एक नया मामला अमृतसर के कस्बे सठियाला में भी सामने आया है, जिसकी उन्होंने कड़े शब्दों में निंदा की है।
उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि जो लोग ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं, उन्हें पकड़े जाने के बाद अक्सर मानसिक रूप से परेशान बताकर छोड़ दिया जाता है या उन्हें राहत दे दी जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह लोग मानसिक रूप से असंतुलित हैं तो वे केवल सिख गुरुद्वारों में ही गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी क्यों करते हैं।
प्रो. बडूंगर ने कहा कि जब तक बेअदबी के मामलों में सख्त कानून नहीं बनाए जाते और दोषियों को निश्चित समय के भीतर कड़ी सजा नहीं दी जाती, तब तक ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा। उनका कहना है कि कठोर सजा ही ऐसे लोगों में कानून का डर पैदा कर सकती है।
फोटो: प्रोफेसर किरपाल सिंह बडूंगर, पूर्व अध्यक्ष शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी।






