बेहद असहाय गायों की समस्या का समाधान करने के लिए तैयार की क्रांतिकारी कार्य योजना
पटियाला (शहीद-ए-आजम ब्यूरो): ‘पॉल्यूशन फ्री इंडिया प्रोजेक्ट इंटेलेक्चुअल फोरम’ के संस्थापक और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा विशेषज्ञ अनिल कुमार भारती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र भेजकर देशव्यापी ‘पंच-सूत्री राष्ट्रीय गाय संरक्षण मॉडल’ प्रस्तुत किया है। इस योजना का उद्देश्य सड़कों को असहाय पशुओं से मुक्त करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।
पिता की सेवा भावना से प्रेरणा
श्री भारती ने बताया कि उनके पूज्य पिता स्वर्गीय श्री ओम प्रकाश कौशिश ने राजिंद्रा अस्पताल, पाटियाला में अनाथ मरीजों और गायों की निस्वार्थ सेवा की थी। इसी से उन्हें इस जटिल समस्या का वैज्ञानिक समाधान खोजने की प्रेरणा मिली।
कार्य योजना के 5 मुख्य बिंदु:
- गाय-सौर ऊर्जा कॉरिडोर: देश भर की गौशालाओं की छतों पर सोलर पैनल लगाकर उन्हें ‘सोलर फार्म’ में बदलना। इससे गौशालाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी।
- गौ-काष्ठ (गोहे की लकड़ी) नीति: जंगलों को बचाने के लिए दाह-संस्कार में लकड़ी की जगह गोहे की लकड़ियों का उपयोग 50% से 100% तक अनिवार्य करना। यह ‘वेस्ट टू वेल्थ’ का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।
- रोज़गार के अवसर: इस प्रोजेक्ट के माध्यम से युवाओं को एग्री-टेक क्षेत्र में रोजगार मिलेगा और अनुभवी नागरिकों को ‘ऑनरेरी सुपरवाइजर’ के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
- डिजिटल गाय-ट्रैकिंग: प्रत्येक गाय को यूनिक आईडी और जीओ-टैगिंग दी जाएगी। ‘काऊसेस’ के माध्यम से इकट्ठे किए गए पैसों का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रीय डिजिटल डैशबोर्ड बनाया जाएगा।
- नूरमहिल मॉडल का विस्तार: पंजाब के नूरमहिल स्थित कामधेनु गौशाला के ‘हाई-टेक’ और ‘ज़ीरो वेस्ट’ मॉडल (E.T.T. तकनीक) को पूरे देश में लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है।
विकसित भारत की ओर एक कदम
अनिल भारती ने प्रधानमंत्री से अपील की कि यह योजना उनके ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘नेट ज़ीरो एमिशन’ के विज़न को धरातल पर उतारेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मॉडल से भारत न केवल स्वच्छ बनेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी नई क्रांति आएगी।
जारीकर्ता: अनिल कुमार भारती, पर्यावरण प्रेमी कार्यालय, पॉल्यूशन फ्री इंडिया प्रोजेक्ट इंटेलेक्चुअल फोरम, पाटियाला






