पटना, 1 मार्च 2026: बिहार में कोरोना वायरस के बाद अब बर्ड फ्लू ने सरकार और प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। राजधानी पटना के कई प्रमुख इलाकों में पक्षियों की मौत के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है और पशुपालन विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
इन क्षेत्रों में मिले संक्रमित पक्षी
प्रशासनिक रिपोर्टों के अनुसार, हाल ही में पटना की पी.सी. कॉलोनी (कंकड़बाग), चिड़ियाघर-सेक्टर पार्क और पटना हाई कोर्ट परिसर में कई कौवे और मुर्गियां मृत पाए गए थे। इन पक्षियों के नमूने भोपाल की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए थे, जहां रिपोर्ट में वायरस की पुष्टि हुई।
संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 4,575 मुर्गियों को मारकर प्रभावित क्षेत्रों के आसपास दफना दिया गया है। इसके अलावा 9,662 अंडे और 530 किलोग्राम पशु आहार (फीड) भी नष्ट कर दिया गया है।
संजय गांधी जैविक उद्यान 7 मार्च तक बंद
एहतियात के तौर पर संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना चिड़ियाघर) को 7 मार्च तक आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। चिड़ियाघर परिसर में पक्षी वार्ड को पूरी तरह सैनिटाइज किया जा रहा है और डॉक्टरों की विशेष टीम प्रत्येक पक्षी की निगरानी कर रही है। मिट्टी और पानी के नए नमूने भी विस्तृत जांच के लिए भेजे गए हैं।
प्रशासन की जनता से अपील
सरकारी सलाह में कहा गया है कि वायरस संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से मनुष्यों में भी फैल सकता है। बीमार पक्षियों को छूने या उनकी लार और बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
पशुपालन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी मृत पक्षी दिखाई दें तो उन्हें हाथ न लगाएं और तुरंत स्थानीय प्रशासन या पशु अस्पताल को सूचित करें। प्रभावित इलाकों में संक्रमणरोधी दवाओं का छिड़काव युद्धस्तर पर जारी है।






