पटियाला, 26 फरवरी, 2026: पटियाला के विरासती शीश महल में चल रहे ‘सखी शक्ति क्राफ्ट मेले’ में इस बार प्रशासन द्वारा सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए गए हैं, जो आमतौर पर बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में देखने को मिलते हैं। मेले में प्रतिदिन आने वाले हजारों दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे परिसर को ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्विलांस’ के तहत लाया गया है।
यह जानकारी देते हुए मेले के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान ने बताया कि पूरे शीश महल को सीसीटीवी कैमरों की तीसरी आंख के कड़े पहरे में एआई और फेस डिटेक्शन तकनीक के तहत लाया गया है। उन्होंने बताया कि इस बार मेले के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 100 से अधिक हाई-डेफिनिशन एआई फेस डिटेक्शन तकनीक से लैस कैमरे स्थापित किए गए हैं।
यह सिस्टम भीड़ में भी हर व्यक्ति के चेहरे को स्पष्ट रूप से पहचानने और रिकॉर्ड करने की क्षमता रखता है। इसके साथ ही मेले में भीड़ प्रबंधन के दौरान ऐसी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है कि यदि मेले के किसी हिस्से में भीड़ निर्धारित सीमा से अधिक हो जाती है, तो एआई सिस्टम तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित कर देता है।
360 डिग्री निगरानी करते हुए (पैन-टिल्ट-ज़ूम) कैमरों के माध्यम से मेले के कोने-कोने पर नजर रखी जा रही है और इसकी पूरी कमान अनुभवी हाथों में है।
इस पूरे हाई-टेक नेटवर्क को संचालित करने की जिम्मेदारी रियलटेक कंपनी को सौंपी गई है। एडीसी मान ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य मेले में सुरक्षित और पारिवारिक माहौल बनाए रखना है। इसके लिए पटियाला जिला प्रशासन द्वारा यह कदम विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यह मेला न केवल पंजाबी संस्कृति का प्रतीक है, बल्कि अब आधुनिक सुरक्षा प्रबंधों का भी एक उदाहरण बन गया है।
कंपनी के संचालक मनीष कुमार मलिक ने बताया कि मेले की सुरक्षा के लिए लगाया गया सिस्टम पूरी तरह फेल-सेफ है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य प्रशासन की सहायता करना है ताकि कोई भी शरारती तत्व मेले की रौनक को खराब न कर सके।” इस दौरान मेले में आने वाले लोगों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर कैमरों और तकनीक के उपयोग से वे अब अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन: पटियाला के विरासती शीश महल में ‘सखी शक्ति क्राफ्ट मेले’ के दौरान ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्विलांस’ के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी।






