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खान साहब ने उस्ताद नुसरत फतेह अली खान को समर्पित कव्वालियों व सूफी गायकी से बांधा समां

अमनदीप सिंह के दिलरुबा वादन और पंजाबी साहित्यिक गायकी ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध

सफल विरासती मेला आयोजित करने के लिए पटियाला प्रशासन बधाई का पात्र — बलतेज पन्नू

पटियाला, 23 फरवरी 2026: किला मुबारक के दरबार हॉल के खुले प्रांगण में आज पटियाला विरासती मेले की अंतिम शाम में पटियालावासियों और कला प्रेमियों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर सूफियाना शाम का आनंद लिया। इस अवसर पर उपस्थित दर्शकों और श्रोताओं ने तालियों की गूंज के साथ पंजाब के प्रमुख गायकों का स्वागत किया।

यह सूफियाना शाम उस समय और भी खास हो गई, जब कव्वाली के प्रसिद्ध गायक नुसरत फतेह अली खान को समर्पित करते हुए खान साहब ने पारंपरिक कव्वालियों को अपने अनोखे अंदाज में प्रस्तुत किया। वहीं सूफी गायक प्रो. अमनदीप सिंह के दिलरुबा वादन और सूफी गायकी ने शानदार माहौल बनाते हुए दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

पंजाब के युवा गायक खान साहब ने उस्ताद नुसरत फतेह अली खान की पारंपरिक कव्वालियों को नए अंदाज में पेश किया। उन्होंने ‘सांसों की माला’, ‘नित खैर मंगा’, ‘वो भी अपने न थे’, ‘हल्का-हल्का सुरूर’ सहित अन्य सुंदर नगमे गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। खान साहब ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें पटियालावासियों के सामने प्रस्तुति देने का अवसर मिला।

सूफियाना शाम की शुरुआत में प्रसिद्ध दिलरुबा वादक और गायक प्रो. अमनदीप सिंह ने पटियाला रियासत के वाद्य यंत्र दिलरुबा की मधुर धुनों के साथ कार्यक्रम का आगाज़ किया तथा सुलतान बाहु और बुल्ले शाह को याद किया। उन्होंने अपनी मधुर आवाज में सूफियाना अंदाज में लोक गायकी प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

प्रो. अमनदीप सिंह ने ‘अब लगन लगी की करिए’, ‘मैनूं कौन पछाने’, संत राम उदासी की रचना ‘तूं मगदा रहें वे सूरजा कमियां दे विहड़े’ तथा शिव कुमार बटालवी की प्रसिद्ध नज़्म ‘एक कुड़ी जिसदा नाम मोहब्बत’ सहित पंजाबी साहित्य की विभिन्न विधाओं — झूमर, लोक बोलियां और लोक गीतों की प्रस्तुति दी। नूर-ए-अमन म्यूजिकल बैंड ग्रुप के कलाकारों ने उनका साथ दिया।

इस मौके पर भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा ऐसे मेले आयोजित करने को रंगला पंजाब बनाने और लोगों को अपनी समृद्ध विरासत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने पटियालावासियों और कला प्रेमियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि लोगों ने 12 फरवरी से 22 फरवरी तक आयोजित पटियाला विरासती मेले को जिस प्रकार भरपूर समर्थन दिया है, उसी तरह 21 फरवरी से 2 मार्च तक शीश महल में चल रहे पंजाब सखी शक्ति क्राफ्ट मेले को भी समर्थन दें।

पंजाब के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित पटियाला विरासती मेले की किला मुबारक में आयोजित अंतिम शाम यादगार बन गई, जो अब पटियालावासियों के लिए एक विशेष उत्सव बन चुका है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संगीत प्रेमियों ने कव्वाली और सूफियाना गायकी का आनंद लिया।

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