अमृतसर, 21 फरवरी 2026: पहली विश्व पंजाबी कॉन्फ्रेंस के पहले दिन विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली शख्सियतों सुरिंदरपाल सिंह उबरॉय, चरणजीत सिंह बाठ, रणजीत सिंह और स्विंदरपाल सिंह को सम्मानित किया गया।
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने पंजाब, पंजाबी भाषा और पंजाबी संस्कृति के संरक्षण व विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका पर जोर दिया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने विश्वविद्यालय में स्थापित किए जाने वाले एआई सेंटर के लिए ₹1 करोड़ देने की घोषणा की, जबकि पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने पंजाब सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने कहा कि एआई पंजाबी भाषा के लिए खतरा नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक अवसर है, जिसके माध्यम से भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर संरक्षित किया जा सकता है। मुख्य अतिथि तरलोचन सिंह ने भी एआई के जरिए पंजाबी विरासत को सुरक्षित और विकसित करने पर बल दिया।
सम्मेलन के दौरान अमरजीत सिंह ग्रेवाल द्वारा रचित नाटक “1675” का मंचन भी किया गया, जो गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को समर्पित था। आगामी दो दिनों में विभिन्न अकादमिक सत्रों के साथ कवि दरबार का आयोजन भी किया जाएगा।






