चंडीगढ़, 21 फरवरी 2026: पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी वी. के. जनजुआ के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा चलाया जाएगा। केंद्र सरकार ने भूमि आवंटन से जुड़े 2 लाख रुपये की रिश्वतखोरी के मामले में उनके खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी दे दी है। यह मामला वर्ष 2009 का है, जब वे उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में निदेशक-कम-सचिव के पद पर कार्यरत थे। इसी दौरान उन्हें कथित रूप से रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था।
विजिलेंस विभाग ने पहले उनके आईएएस अधिकारी होने के कारण इस मामले में कार्रवाई से इनकार कर दिया था। हालांकि बाद में केंद्र सरकार से अभियोजन की स्वीकृति मांगी गई थी। मंजूरी मिलने के बाद अब इस मामले की सुनवाई एक विशेष अदालत में की जाएगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद वीके जंजुआ को अनिरुद्ध तिवारी की जगह राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। उस समय उन्हें पंजाब का 41वां मुख्य सचिव बनाया गया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 13(2) के तहत मुकदमा चलाने की स्वीकृति दे दी है। आदेश में कहा गया है कि जांच में प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले हैं। केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार की सिफारिश, केंद्रीय सतर्कता आयोग की सलाह और जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद यह मंजूरी दी है।
केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने शुक्रवार को हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी। याचिका में अभियोजन की स्वीकृति से इनकार करने के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।






