सीपी लुधियाना को राहत
चंडीगढ़, 4 फरवरी 2026: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एनडीपीएस मामले में बिना ठोस कारण वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को बचाव पक्ष के गवाह के रूप में तलब करने की प्रथा पर कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस जसजीत सिंह बेदी ने जालंधर अदालत द्वारा लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा को तलब करने के आदेश को सुनवाई के दौरान अनुचित बताते हुए उस पर रोक लगा दी।
हाईकोर्ट ने इसे ट्रायल में देरी और न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग का प्रयास करार दिया। अदालत ने कहा कि जिन वरिष्ठ अधिकारियों की जांच में कोई भूमिका नहीं है, उन्हें केवल ध्यान आकर्षित करने या कार्यवाही रोकने के लिए नहीं बुलाया जा सकता, विशेषकर समयबद्ध एनडीपीएस मामलों में।
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी के अनुरोध पर निचली अदालत को विचार करना चाहिए था। साथ ही, समन आदेश के बाद हुई भ्रामक मीडिया रिपोर्टिंग पर भी चिंता जताई।
हाईकोर्ट ने जालंधर अदालत के समन आदेश पर रोक लगाते हुए सीपी लुधियाना को तत्काल राहत दी और स्पष्ट संदेश दिया कि प्रभावी एंटी-ड्रग अभियानों को पटरी से उतारने के लिए न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग स्वीकार्य नहीं है।






