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भूकंप की स्थिति में बचाव कार्यों को लेकर एनडीआरएफ द्वारा जिला प्रशासनिक परिसर में मॉक ड्रिल

सबसे अच्छे की उम्मीद रखें, लेकिन सबसे बुरे के लिए तैयार रहें, आपदाओं से निपटने का सर्वोत्तम मंत्र : वरजीत वालिया

पटियाला, 4 फरवरी, 2026 :भूकंप की स्थिति में प्रभावी बचाव कार्यों की तैयारी के उद्देश्य से एनडीआरएफ, बठिंडा की 7वीं बटालियन ने आज जिला प्रशासनिक परिसर, पटियाला में एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस दौरान एनडीआरएफ टीम ने भूकंप से क्षतिग्रस्त इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, उन्हें चिकित्सीय सहायता प्रदान करने के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के समय संयम बनाए रखते हुए स्वयं की सुरक्षा और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों की जानकारी दी।

डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने एनडीआरएफ टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि डिप्टी कमांडेंट दीपक सिंह के नेतृत्व में टीम ने ध्वस्त इमारतों को खाली कराने, सुरक्षित असेंबली प्वाइंट की पहचान करने और भूकंप जैसी आपात स्थिति में तेज़ी से व प्रभावी ढंग से बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया।

एनडीआरएफ टीम ने निकासी मार्गों को साफ रखने, व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय अपनाने और मेडिकल आपात स्थितियों से निपटने के बारे में भी जागरूकता फैलाई। इसके अलावा, आपदा के दौरान दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में सीपीआर तकनीक के माध्यम से कृत्रिम सांस देने का भी प्रदर्शन किया गया।

डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने कहा कि “सबसे अच्छे की उम्मीद रखें, लेकिन सबसे बुरे के लिए तैयार रहें” का मंत्र प्राकृतिक आपदाओं से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति के लिए हर समय तैयार रहना जान-माल के नुकसान को कम करने की कुंजी है। इसी को ध्यान में रखते हुए डीसी कार्यालय परिसर में यह मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करने के तहत जिले में स्कूलों, कॉलेजों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी ऐसी मॉक ड्रिल करवाई जाएंगी।

उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य विभाग, हरिंदर सिंह करीह के नेतृत्व में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की टीम, लोक निर्माण विभाग, बिजली एवं जल आपूर्ति विभाग, फायर सर्विसेज, पुलिस और सिविल प्रशासन सहित विभिन्न विभागों ने इस अभ्यास में सक्रिय भागीदारी की। इस अभ्यास से आपात स्थिति के दौरान सभी हितधारकों के बीच समन्वय बढ़ाने में मदद मिली है।

वरजीत वालिया ने बताया कि एनडीआरएफ टीम ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के उपकरणों और अत्याधुनिक भूकंप प्रतिक्रिया तकनीकों का प्रदर्शन किया। उन्होंने वर्ष 2025 की बाढ़ को याद करते हुए कहा कि एनडीआरएफ ने पंजाबवासियों, गैर-सरकारी संगठनों, सेना, पुलिस और सिविल प्रशासन के साथ मिलकर जान-माल की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट दीपक सिंह ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर के निर्देशों पर उनकी टीम 10 से 12 दिनों तक पटियाला में रहकर मॉक ड्रिल और जन जागरूकता अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा कि टीम स्कूलों, कॉलेजों, गांवों, अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों का दौरा कर डेटा प्रोफाइल तैयार कर रही है, ताकि किसी भी आपदा के दौरान तेज़ समन्वय सुनिश्चित किया जा सके, क्योंकि आपात स्थितियों में समय प्रबंधन बेहद आवश्यक होता है।

इस मॉक ड्रिल के दौरान एडीसी (जनरल) सिमरप्रीत कौर, सीएमएफओ सतीश चंद्र, डीआरओ अंकिता अग्रवाल, इंस्पेक्टर अनुराधा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर एनडीआरएफ द्वारा आधुनिक बचाव उपकरणों की लगाई गई प्रदर्शनी जिला प्रशासनिक परिसर में कार्यरत स्टाफ और आम जनता के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।

फोटो कैप्शन: डिप्टी कमिश्नर पटियाला वरजीत वालिया की उपस्थिति में एनडीआरएफ, बठिंडा की 7वीं बटालियन द्वारा जिला प्रशासनिक परिसर, पटियाला में भूकंप की स्थिति में प्रभावी बचाव कार्यों की रिहर्सल हेतु व्यापक मॉक ड्रिल करते हुए।

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