चंडीगढ़, 4 फरवरी 2026: हरियाणा सरकार ने श्रमिकों और उनके परिवारों को समय पर कल्याणकारी लाभ सुनिश्चित करने के लिए अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की 29 सेवाओं को हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट, 2014 के दायरे में ला दिया है, जिससे इन सेवाओं के लिए तय समय-सीमा अनिवार्य कर दी गई है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, श्रमिकों के बच्चों के लिए स्कूल यूनिफॉर्म, किताबें, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, खेल व सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी के लिए आर्थिक सहायता जैसी सेवाएं अब समयबद्ध रूप से प्रदान की जाएंगी।
इसके अलावा कन्यादान सहायता, शगुन सहायता, मातृत्व लाभ, दंत उपचार, चश्मा, साइकिल, सिलाई मशीन, दिव्यांग सहायता, कृत्रिम अंग और दृष्टिबाधित व दिव्यांग बच्चों के लिए आर्थिक मदद भी इस अधिनियम के अंतर्गत लाई गई है। इन सेवाओं के लिए 60 दिनों की समय-सीमा तय की गई है।
मृत श्रमिकों के आश्रितों को सहायता, अंतिम संस्कार सहायता और मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत लाभ 15 दिनों में प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास नीति से जुड़ी सेवाएं भी इस अधिनियम के तहत शामिल की गई हैं।






