चंडीगढ़, 3 फरवरी 2026 : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में शहरी एवं नगर नियोजन विभाग के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव के तहत हरियाणा अर्बन एरिया डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन रूल्स, 1976 तथा हरियाणा शेड्यूल्ड रोड्स एंड कंट्रोल्ड एरियाज अनरेगुलेटेड डेवलपमेंट प्रोहिबिशन रूल्स, 1965 के अंतर्गत निर्धारित विभिन्न वैधानिक फीस और शुल्कों में संशोधन किया जाएगा।
कैबिनेट के इस फैसले से दोनों नियमों से जुड़े शुल्क शेड्यूल में संशोधन का रास्ता साफ हो गया है, जिससे राज्य सरकार को मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और शहरी विकास की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप फीस संरचना को तर्कसंगत और अद्यतन करने में मदद मिलेगी।
मंजूर प्रस्ताव के तहत हरियाणा अर्बन एरिया डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन रूल्स, 1976 के अंतर्गत स्क्रूटनी फीस, लाइसेंस फीस, स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फीस, इंफ्रास्ट्रक्चर एडिशन फीस और IAC-TOD में संशोधन किया जाएगा। वहीं, हरियाणा शेड्यूल्ड रोड्स एंड कंट्रोल्ड एरियाज अनरेगुलेटेड डेवलपमेंट प्रोहिबिशन रूल्स, 1965 के अंतर्गत इंस्पेक्शन फीस और चेंज फीस में भी बदलाव को मंजूरी दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार इनमें से अधिकांश फीस और जुर्माने कई वर्षों से संशोधित नहीं किए गए थे, जिसके चलते शहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पर्याप्त राजस्व सुनिश्चित करने और बढ़ती विकास लागत के अनुरूप बदलाव जरूरी हो गया था।
सरकार का कहना है कि संशोधित दरें तर्कसंगत आधार पर तय की गई हैं और इससे लाइसेंस जारी करने से संबंधित फीस व शुल्कों के माध्यम से राज्य के खजाने में लगभग 22 से 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।






