फ़तेहाबाद 01 फरवरी, 2026 (संजीव शर्मा) : राज्यसभा सांसद श्री सुभाष बराला ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए इसे परिपक्व दूरदर्शी और सुधारोन्मुखी बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत की समष्टि आर्थिक नींव को सुदृढ़ करता है और राष्ट्रीय विकास के केंद्र में जन कल्याण उत्पादकता और लचीलापन स्थापित करता है।
कर्तव्य भवन में पहली बार तैयार किया गया यह बजट मोदी सरकार के कर्तव्य संकल्प और समर्पण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देश के प्रति कर्तव्य सुधार के लिए दृढ़ संकल्प और समावेशी विकास के प्रति समर्पण। तीन स्पष्ट कर्तव्यों आर्थिक विकास को तीव्र और सतत बनाना क्षमता निर्माण के माध्यम से आकांक्षाओं की पूर्ति करना तथा सबका साथ सबका विकास के अंतर्गत समावेशी पहुंच सुनिश्चित करना पर आधारित यह बजट विकसित भारत 2047 की दिशा में एक विश्वसनीय रोडमैप प्रस्तुत करता है।
समष्टि आर्थिक स्थिरता और राजकोषीय विश्वसनीयता:-
श्री बराला ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता भू राजनीतिक व्यवधानों और तीव्र तकनीकी परिवर्तनों के दौर में यह बजट सतत राजकोषीय समेकन के माध्यम से भारत की आर्थिक विश्वसनीयता को मजबूत करता है। ऋण से जीडीपी अनुपात के बीई 2026-27 में 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो आरई 2025-26 के 56.1 प्रतिशत से कम है जिससे प्राथमिक क्षेत्रों में व्यय के लिए धीरे धीरे राजकोषीय स्थान उपलब्ध होगा। सरकार के राजकोषीय विवेक के ढांचे के अनुरूप राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर निर्धारित किया गया है जो विकास से समझौता किए बिना अनुशासन को दर्शाता है।
श्री बराला ने कहा यह बजट स्पष्ट संकेत देता है कि भारत जिम्मेदारी के साथ विकास का मार्ग अपनाएगा। राजकोषीय स्थिरता को बाधा नहीं बल्कि दीर्घकालिक विकास का सक्षमकर्ता माना जा रहा है।
निवेश आधारित विकास और प्रतिस्पर्धात्मकता:-
राज्यसभा सांसद ने कहा कि पहले कर्तव्य विकास को तेज और टिकाऊ बनाने के अंतर्गत बजट में सात रणनीतिक और उभरते विनिर्माण क्षेत्रों में लक्षित हस्तक्षेप पारंपरिक उद्योगों का पुनरोद्धार चैंपियन एमएसएमई का निर्माण अवसंरचना पर सशक्त जोर दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा तथा सिटी इकोनॉमिक रीजन के विकास का प्रस्ताव है। श्री बराला ने कहा कि ये कदम प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाएंगे रोजगार सृजन करेंगे और क्षेत्रीय लचीलापन मजबूत करेंगे।
उन्होंने जोड़ा विनिर्माण लॉजिस्टिक्स ऊर्जा सुरक्षा और सिटी इकोनॉमिक रीजन पर दिया गया जोर यह दर्शाता है कि सरकार विकास को निवेश आधारित उत्पादकता प्रेरित और क्षेत्रीय संतुलन के साथ आगे बढ़ाने के प्रति स्पष्ट है।
किसानों सहकारिताओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समर्थन:-
श्री बराला ने किसानों और सहकारिताओं पर निरंतर ध्यान देने के लिए बजट की सराहना की। पशु आहार और कपास बीज की आपूर्ति करने वाली प्राथमिक सहकारी समितियों को कर कटौतियों का विस्तार अंतर सहकारी लाभांश पर कर का युक्तिकरण तथा राष्ट्रीय सहकारी संघों को छूट ये सभी कदम सहकारी नेतृत्वित मूल्य श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करेंगे और किसानों की आय बढ़ाएंगे।
प्रौद्योगिकी डिजिटल अर्थव्यवस्था और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस:-
श्री बराला ने भारत की विकास यात्रा में प्रौद्योगिकी की भूमिका को रेखांकित करते हुए बजट में एकीकृत सूचना प्रौद्योगिकी सेवा श्रेणी का निर्माण उच्च सुरक्षित आश्रय सीमाओं स्वचालित अनुमोदनों और दीर्घकालिक स्थिरता के साथ एक महत्वपूर्ण सुधार बताया गया। भारत से डेटा सेंटर सेवाओं का उपयोग करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए 2047 तक कर अवकाश की घोषणा भारत को डिजिटल और क्लाउड अवसंरचना का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत एकल डिजिटल विंडो से कार्गो क्लीयरेंस गैर अनुपालन वस्तुओं के लिए त्वरित सीमा शुल्क निपटान कस्टम्स इंटीग्रेटेड सिस्टम का क्रियान्वयन तथा बंदरगाहों पर एआई आधारित गैर दखलकारी स्कैनिंग का विस्तार ये सभी उपाय लॉजिस्टिक्स लागत घटाएंगे और व्यापार दक्षता बढ़ाएंगे।
व्यापार सुगमता और विश्वास आधारित शासन:-
श्री बराला ने व्यापार सुगमता से जुड़े प्रमुख उपायों पर प्रकाश डाला जिनमें विशेष आर्थिक क्षेत्र और खुले समुद्र में भारतीय जहाजों द्वारा पकड़ी गई मछलियों पर शुल्क मुक्ति छोटे व्यवसायों और कारीगरों के समर्थन हेतु कूरियर निर्यात की मूल्य सीमा हटाना तथा आधुनिक यात्रा वास्तविकताओं के अनुरूप संशोधित बैगेज नियम शामिल हैं। ईमानदार करदाताओं के लिए विश्वास आधारित तंत्रों के माध्यम से विवाद निपटान के प्रावधान शासन सुधारों को और सुदृढ़ करते हैं।
मानव पूंजी और समावेशी विकास:-
राज्यसभा सांसद ने कहा कि दूसरा कर्तव्य आकांक्षाओं की पूर्ति कौशल विकास शिक्षा स्वास्थ्य पशु चिकित्सा अवसंरचना पर्यटन और युवा सशक्तिकरण में निरंतर निवेश के माध्यम से परिलक्षित होता है। श्री बराला ने कहा कि सुधारोन्मुखी शासन के चलते पिछले एक दशक में लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं और यह बजट उसी गति को आगे बढ़ाता है। तीसरे कर्तव्य के अनुरूप बजट किसानों महिलाओं युवाओं दिव्यांगजनों मानसिक स्वास्थ्य एवं ट्रॉमा केयर के लिए लक्षित हस्तक्षेपों के माध्यम से समावेशी विकास को आगे बढ़ाता है। पूर्वोदय राज्यों और उत्तर पूर्व पर विशेष ध्यान संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करता है।
हरियाणा और ट्रिपल इंजन सरकार:-
श्री बराला ने कहा कि हरियाणा में केंद्र राज्य और स्थानीय निकायों के बीच निर्बाध समन्वय पर आधारित ट्रिपल इंजन सरकार मॉडल बजट की भावना से पूरी तरह मेल खाता है। उन्होंने कहा अवसंरचना एमएसएमई लॉजिस्टिक्स वस्त्र कौशल विकास और सिटी इकोनॉमिक रीजन पर फोकस से हरियाणा को उल्लेखनीय लाभहोगा। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सुधार जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम दे रहे हैं।
राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा केंद्रीय बजट 2026-27 केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं बल्कि एक स्पष्ट संकल्प है। यह आर्थिक महत्वाकांक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी से राजकोषीय अनुशासन को विकास से और राष्ट्रीय दृष्टि को क्षेत्रीय सशक्तिकरण से जोड़ता है। यह आज भारत को सशक्त करता है और कल के लिए देश को आत्मविश्वास के साथ तैयार करता है।–
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