नई दिल्ली, 01 फरवरी 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में भारत का केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। उनका बजट भाषण करीब 85 मिनट तक चला। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे मध्यम वर्ग को राहत या अतिरिक्त बोझ—दोनों में से कोई नई स्थिति नहीं बनी है।
हालांकि, वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स चोरी को लेकर एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब आयकर चोरी के मामलों में सजा का प्रावधान नहीं होगा, बल्कि इसकी जगह 30 प्रतिशत टैक्स वसूला जाएगा। इसका मतलब यह है कि जो लोग अपनी आय छुपाते हैं, उन्हें अब दंडात्मक सजा के बजाय 30 फीसदी कर अदा करना होगा।
इसके साथ ही वित्त मंत्री ने आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की समय-सीमा और नियमों में भी बदलाव की घोषणा की। ITR-1 और ITR-2 फॉर्म भरने वाले करदाता अब 31 जुलाई तक अपनी आयकर रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।
बजट 2026 में कर प्रणाली को सरल बनाने और अनुपालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से टैक्स कंप्लायंस में सुधार होगा और करदाताओं को प्रक्रिया में आसानी मिलेगी।






