स्कूलों–कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब और पूर्वी भारत में नया NID
नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करते हुए रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज के सहयोग से देशभर के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करेगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि भारत का AVGC सेक्टर तेजी से बढ़ता हुआ उद्योग है, जिसमें वर्ष 2030 तक करीब 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। ऐसे में युवाओं को शुरुआती स्तर पर प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव देना जरूरी है। प्रस्तावित लैब्स में हैंड्स-ऑन लर्निंग और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह घोषणा ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप है, जो बजट 2026 की केंद्रीय थीम रही। बजट भाषण में बुनियादी ढांचे के विस्तार, रणनीतिक विनिर्माण और शिक्षा सुधारों को दीर्घकालिक विकास के प्रमुख स्तंभ बताया गया।
रचनात्मक और डिजाइन शिक्षा को और मजबूत करने के लिए वित्त मंत्री ने पूर्वी भारत में एक नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन) की स्थापना की भी घोषणा की, जिसे चैलेंज-आधारित मार्ग से विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य डिजाइन उद्योग में बढ़ती मांग को पूरा करना और उच्च गुणवत्ता वाली डिजाइन शिक्षा की पहुंच का विस्तार करना है।
इसके अलावा बजट में राज्यों को प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने में सहायता देने का प्रस्ताव रखा गया है। इन एकीकृत शैक्षणिक क्षेत्रों में विश्वविद्यालय, कॉलेज, शोध संस्थान, स्किल सेंटर और आवासीय सुविधाएं होंगी, जिससे उच्च शिक्षा को उद्योग की जरूरतों से सीधे जोड़ा जा सकेगा।






