बहादुरगढ़, 29 जनवरी 2026 (चौधरी छत्रपाल सिंह): आज बहादुरगढ़–घनौर रोड स्थित गांव भट्टलां में गुरु गोबिंद सिंह परिवार के बच्चों को गुरमत शिक्षा देने के लिए बनने वाली नई इमारत की भूमि का निरीक्षण करने के लिए भाई लखविंदर सिंह, हजूरी रागी श्री दरबार साहिब, अपने साथ अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ पहुंचे। इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. जगजीत सिंह दर्दी, भाई जोगिंदर सिंह, तरना दल की ओर से राज सिंह खालसा, प्रभजीत सिंह चौधरी सहित कई अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
इस मौके पर भाई लखविंदर सिंह हजूरी रागी श्री दरबार साहिब ने बताया कि इस स्थान पर गुरु गोबिंद सिंह परिवार के बच्चों को नि:शुल्क गुरमत शिक्षा देने के लिए एक अकादमी बनाई जा रही है। यह अकादमी वर्ष 2017 से पटियाला शहर में गुरुद्वारा भाई रामकिशन की इमारत में संचालित हो रही है, लेकिन वहां जगह की कमी के कारण अब इस अकादमी और इमारत को भट्टलां, बहादुरगढ़ के पास स्थानांतरित किया जा रहा है। इस नई इमारत का नींव पत्थर 2 मार्च को सिख पंथ की महान शख्सियतों द्वारा रखा जाएगा।
भाई लखविंदर सिंह ने आगे बताया कि इस इमारत के निर्माण के लिए पद्मश्री डॉ. जगजीत सिंह दर्दी के पूरे परिवार द्वारा तीन प्लॉट दान किए गए हैं। इनमें से एक प्लॉट सचखंडवासी ज्ञानी हरनाम सिंह दर्दी की स्मृति में, एक प्लॉट माता हरबंस कौर की स्मृति में और एक प्लॉट स्वर्गवासी सतबीर सिंह दर्दी की स्मृति में इस गुरमत अकादमी को समर्पित किया गया है। इमारत के निर्माण के बाद यह अकादमी जल्द ही यहां भव्य रूप में शुरू की जाएगी।
इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. जगजीत सिंह दर्दी ने कहा कि उनके परिवार का शुरू से ही सपना रहा है कि कोई भी जरूरतमंद बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और उसे नि:शुल्क शिक्षा देकर गुरु की बाणी से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद बच्चों को गुरमत शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से पूरे दर्दी परिवार ने यह निर्णय लिया है कि गुरु गोबिंद सिंह परिवार के वे बच्चे, जो अभी बहुत छोटी जगह में पढ़ाई और निवास कर रहे हैं, उन्हें अब बहादुरगढ़–घनौर रोड स्थित भट्टलां में बनने वाली नई इमारत में स्थानांतरित किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 2 मार्च को की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यहां एक बहुत बड़ी, भव्य, खुली और हवादार इमारत तैयार की जाएगी, जहां बच्चे शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और गुरमत विद्या का प्रकाश देश-विदेश तक फैला सकेंगे। अंत में उन्होंने समूची सिख संगत से अपील की कि 2 मार्च को होने वाले विशाल समारोह और गुरमत अकादमी के नींव पत्थर के अवसर पर निकाले जाने वाले भव्य नगर कीर्तन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जाए।






