फ़तेहाबाद ,29 जनवरी, 2026 (संजीव शर्मा): जिला प्रशासन व हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी), फतेहाबाद क्षेत्र द्वारा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा 27 मार्च, 2023 को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 18(1)(बी) के अंतर्गत जारी निर्देशों के अनुपालन में पतंग उड़ाने में प्रयुक्त नायलॉन, प्लास्टिक, सिंथेटिक तथा कांच/धातु लेपित मांझा (माजा) के निर्माण, बिक्री, भंडारण, परिवहन एवं उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कविराज ने बताया कि उक्त निर्देशों का उद्देश्य मानव जीवन की सुरक्षा, पक्षियों एवं पशुओं की रक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है। प्रतिबंधित मांझा अत्यंत धारदार एवं खतरनाक होता है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों, पैदल यात्रियों, बच्चों एवं आम नागरिकों को गंभीर चोट या मृत्यु तक का खतरा बना रहता है। साथ ही यह पक्षियों की मृत्यु, विद्युत लाइनों को क्षति एवं पर्यावरण प्रदूषण का भी कारण बनता है।
सीपीसीबी के निर्देशों की अवहेलना करने पर संबंधित व्यक्ति/व्यापारी के विरुद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 तथा अन्य लागू नियमों के अंतर्गत कड़ी कानूनी कार्रवाई, प्रतिबंधित सामग्री की जब्ती एवं नियमानुसार दंड/चालान लगाया जाएगा। इस संबंध में जिला प्रशासन, नगर निकाय एवं पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाए जाएंगे। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सीपीसीबी के आदेशों का पूर्ण पालन करें, प्रतिबंधित मांझा का प्रयोग न करें तथा सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल एवं कानून सम्मत गतिविधियों को अपनाएं।-
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