पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन, आईपीएस के मार्गदर्शन में फतेहाबाद पुलिस का सराहनीय कार्य
सीसीटीवी खराब होने पर छोटे भाई ने सुरक्षित रखे थे रुपये, पुलिस की समझदारी से शांतिपूर्ण समाधान
टोहाना, 27 जनवरी, 2026 (संजीव शर्मा) : कहते हैं कि जब कानून केवल सख़्ती नहीं बल्कि संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़े, तो वह न केवल अपराधों का समाधान करता है, बल्कि टूटते रिश्तों को भी बचा लेता है। पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत जैन, आईपीएस के मार्गदर्शन में फतेहाबाद पुलिस द्वारा किए जा रहे बेहतरीन कार्यों की कड़ी में टोहाना पुलिस ने एक ऐसी ही सराहनीय और मानवीय मिसाल पेश की है। टोहाना पुलिस ने न केवल 20 लाख रुपये की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की, बल्कि दो सगे भाइयों के बीच उत्पन्न हुई गलतफहमी को भी सूझबूझ से सुलझाया।
यह मामला टोहाना क्षेत्र के गांव चिन्दडकलां निवासी गुरमीत सिंह से संबंधित है। दिनांक 17.01.2026 को गुरमीत सिंह अपने निजी कार्य से पंजाब के गांव लोगेंवाला गए हुए थे। उन्होंने अपने घर की देखभाल की जिम्मेदारी अपने छोटे भाई गुरनाम सिंह को सौंपी थी। गुरनाम सिंह दिन में तीन-चार बार भाई के घर जाकर निगरानी करता रहा। इसी दौरान उसने देखा कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं और घर में बड़ी मात्रा में नकद राशि रखी हुई है।
चोरी की आशंका के चलते और रकम को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से गुरनाम सिंह ने बिना किसी को बताए अपने बड़े भाई के घर में रखी 20 लाख रुपये की नकद राशि अपने घर ले जाकर सुरक्षित रख ली। उसकी मंशा पूरी तरह साफ थी—वह यह रकम सुरक्षित रखकर अपने बड़े भाई को बताने ही वाला था, लेकिन डर और झिझक के कारण वह यह बात किसी को बता नहीं पाया।
दिनांक 25.01.2026 को गुरनाम सिंह अपने खेतों के कार्य से टोहाना चला गया। उसी दिन गुरमीत सिंह अपने परिवार के साथ घर लौट आए। अगले दिन 26.01.2026 को जब उन्होंने घर का सामान जांचा, तो घर में रखी 20 लाख रुपये की नकद राशि नहीं मिली। घबराहट और चिंता के माहौल में उन्होंने बिना अपने भाई से पूछे तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।
शिकायत मिलते ही थाना सदर टोहाना प्रभारी उपनिरीक्षक शादी राम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की। पुलिस टीम मौके पर पहुंची, सीन ऑफ क्राइम टीम को बुलाया गया और हर पहलू से गहन जांच शुरू की गई। पुलिस ने जल्दबाज़ी या कठोरता अपनाने के बजाय शांत, संतुलित और मानवीय रवैया अपनाया।
पूछताछ के दौरान जब छोटे भाई गुरनाम सिंह से बातचीत की गई, तो वह भावनात्मक रूप से टूट गया और उसने पूरी सच्चाई पुलिस के सामने रख दी। उसने बताया कि कैमरे खराब होने और चोरी के डर से उसने पैसे सुरक्षित रखे थे, लेकिन शिकायत दर्ज हो जाने के बाद वह घबरा गया और सच नहीं बता पाया। उसने पुलिस के समक्ष अपने भाई को पूरी राशि वापस लौटाने की इच्छा जताई।
टोहाना पुलिस की सूझबूझ और संवेदनशीलता से दोनों भाइयों को एक साथ बैठाकर समझाया गया कि संवाद की कमी कैसे गलतफहमी का कारण बन सकती है। विश्वास और भावनाओं को समझते हुए पुलिस ने मामले को बड़े ही मार्मिक और शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया।
पुलिस की मौजूदगी में पूरी 20 लाख रुपये की राशि सुरक्षित रूप से गुरमीत सिंह को वापस सौंप दी गई। न कोई कानूनी विवाद बढ़ा और न ही कोई पारिवारिक रिश्ता टूटा, बल्कि दोनों भाइयों के बीच आपसी विश्वास और मजबूत हुआ।
इस त्वरित और सराहनीय कार्रवाई के लिए गुरमीत सिंह व उनके परिवार ने फतेहाबाद पुलिस का आभार व्यक्त किया। यह घटना यह साबित करती है कि फतेहाबाद पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन के विश्वास, भावनाओं और पारिवारिक मूल्यों की भी पूरी कद्र करती है।






