HomeNationalभारत–यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता

भारत–यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता

बीयर-वाइन से लेकर कारों तक होंगे सस्ते

गोवा, 27 जनवरी 2026: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लगभग दो दशकों की लंबी वार्ता के बाद एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) संपन्न हुआ है। इस समझौते के तहत भारत धीरे-धीरे यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार के लिए अपने बड़े और नियंत्रित बाजार को खोलेगा। समझौते के परिणामस्वरूप यूरोपीय संघ के करीब 90 प्रतिशत उत्पादों पर टैरिफ समाप्त या कम किए जाएंगे, जिससे कई आयातित वस्तुएं सस्ती होंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक, गोवा में वर्चुअल संबोधन के दौरान कहा कि यह समझौता विश्व GDP के लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन रहा है और पेट्रोलियम उत्पादों के शीर्ष पांच निर्यातकों में शामिल हो चुका है, जो 150 से अधिक देशों को निर्यात करता है।

समझौते से टेक्सटाइल, रत्न-आभूषण, चमड़ा और जूते जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलेगा, वहीं विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों को नई गति मिलेगी। भारत ने 27 यूरोपीय देशों से आयात होने वाली बीयर और वाइन पर टैरिफ घटाए हैं—बीयर पर कर 50 प्रतिशत, शराब पर 40 प्रतिशत और वाइन पर 20–30 प्रतिशत तक कम किया गया है। इससे यूरोप से आयातित शराब भारत में सस्ती होगी।

इसके अलावा जैतून तेल, मार्जरीन और वनस्पति तेल, फलों के जूस तथा प्रोसेस्ड फूड पर टैरिफ पूरी तरह हटाए गए हैं। कारों के मामले में बड़ा फैसला लेते हुए यूरोप से आयातित लग्जरी कारों और मोटर वाहनों पर शुल्क 110 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है, हालांकि 2.5 लाख वाहनों की सीमा तय की गई है। मशीनरी, रसायन, दवाइयों तथा जहाज और अंतरिक्ष उत्पादों पर भी टैरिफ में व्यापक कटौती की गई है।

समझौते के तहत भारत को अगले दो वर्षों में यूरोपीय संघ से लगभग 4,500 करोड़ रुपये का बजट सहयोग मिलेगा, जिससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी। बौद्धिक संपदा अधिकारों को मजबूत कानूनी संरक्षण, डिजिटल व्यापार के लिए विशेष अध्याय, वित्तीय व समुद्री सेवाओं में बेहतर बाजार पहुंच और छोटे-मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए समर्पित प्रावधान भी इस समझौते का हिस्सा हैं।

यह ऐतिहासिक करार भारत-यूरोप आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खोलने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments