चंडीगढ़, 27 जनवरी 2026: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए एक गंभीर सड़क हादसे के पीड़ित को दिए जाने वाले मुआवजे में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की है। जस्टिस सुदीपती शर्मा की एकल पीठ ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल द्वारा वर्ष 2008 में तय 52 लाख रुपये के मुआवजे को बढ़ाकर 9,16,81,844 रुपये (लगभग 9.16 करोड़ रुपये) कर दिया।
यह मामला 13 अक्टूबर 2002 का है, जब जालंधर में गलत दिशा से आ रही तेज रफ्तार कार ने वकील नरेंद्र पाल सिंह के स्कूटर को टक्कर मार दी थी। हादसे में उन्हें 100% स्थायी विकलांगता हो गई। अदालत ने माना कि पीड़ित को भविष्य में विदेश में महंगे इलाज की आवश्यकता होगी और केवल विदेशी इलाज के लिए 6 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए।
हाई कोर्ट ने बीमा कंपनी को बढ़ी हुई राशि पर 9% वार्षिक ब्याज देने के आदेश दिए और कहा कि यह मुआवजा पीड़ित की गरिमा, इलाज और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।






