चंडीगढ़, 27 जनवरी 2026: पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को और धार देते हुए ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के दूसरे चरण को नई रणनीति के साथ आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब यह लड़ाई सिर्फ सरकारी स्तर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांव-गांव से उठने वाली जनआवाज के रूप में सामने आएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नशे की समस्या की जड़ों पर सीधा प्रहार करने के लिए राज्य भर में जनभागीदारी को व्यापक रूप दिया जा रहा है। इसी कड़ी में अगले महीने विलेज डिफेंस कमेटियों (वीडीसी) की एक बड़ी राज्य स्तरीय बैठक बुलाई जाएगी, जिससे अभियान को नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा मिलेगी।
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत ‘पिंडों के पहरेदार’ के रूप में 1.50 लाख सदस्यों वाली मजबूत विलेज डिफेंस कमेटियां गठित की जा चुकी हैं। ये समितियां न केवल निगरानी करेंगी, बल्कि समाज को जागरूक कर नशे के खिलाफ एकजुट भी करेंगी। बैठक के दौरान सभी सदस्य अपने-अपने गांवों को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लेंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वीडीसी सदस्यों को शीघ्र पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उनके योगदान को मान्यता मिले। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान अब एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता की अगुवाई में चलने वाला सामाजिक आंदोलन बन चुका है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
सीएम मान ने भरोसा जताया कि लोगों की सक्रिय भागीदारी से ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ का दूसरा चरण पहले से कहीं अधिक प्रभावी साबित होगा और पंजाब इस चुनौती का सामना कर एक नई मिसाल कायम करेगा।






