भारतीय पत्रकारिता से जुड़े एक युग का अंत
नई दिल्ली, 25 जनवरी 2026: भारत से लंबे समय तक जुड़े रहे प्रख्यात पत्रकार और लेखक मार्क टली का रविवार को 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और दक्षिण दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन थे। उन्होंने मैक्स अस्पताल, साकेत में अंतिम सांस ली।
वरिष्ठ पत्रकार और उनके करीबी सहयोगी सतीश जैकब ने उनके निधन की पुष्टि की। मार्क टली के निधन को भारत में विदेशी पत्रकारिता के एक महत्वपूर्ण युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। उनकी रिपोर्टिंग संवेदनशीलता, गहराई और भारतीय समाज की सूक्ष्म समझ के लिए विशेष रूप से जानी जाती थी।
भारत को समझने और दिखाने का जीवन भर का प्रयास
मार्क टली का जन्म 24 अक्टूबर 1935 को कोलकाता में हुआ था। उनका बचपन भारत में ही बीता, जिसने आगे चलकर उनकी पत्रकारिता को एक अलग दृष्टिकोण और गहराई प्रदान की। उन्होंने बीबीसी के साथ एक शानदार पत्रकारिता करियर की शुरुआत की और 22 वर्षों तक नई दिल्ली में बीबीसी के चीफ ऑफ ब्यूरो के रूप में कार्य किया।
इस दौरान उन्होंने भारत के कई ऐतिहासिक, राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग की। उनकी रिपोर्टों की विशेषता यह थी कि वे भारत को रूढ़िवादी नजरिये से नहीं, बल्कि उसकी विविधता, जटिलता और वास्तविकता के साथ प्रस्तुत करते थे। इसी वजह से उन्हें भारतीय दर्शकों और पत्रकार समुदाय में गहरा सम्मान प्राप्त हुआ।
लेखन के माध्यम से भी भारत से जुड़ाव
पत्रकारिता के अलावा मार्क टली एक प्रसिद्ध लेखक भी थे। उनकी पुस्तकों में भारत और उसके लोगों के साथ उनके लंबे और गहरे जुड़ाव की झलक मिलती है। उनके लेखन ने भारत और पश्चिमी दुनिया के बीच सांस्कृतिक समझ को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
मार्क टली का निधन न केवल पत्रकारिता जगत के लिए, बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक बड़ी क्षति है, जिन्होंने भारत को उनके शब्दों और दृष्टि के माध्यम से समझा।






