स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने की शिरकत
पटियाला, 24 जनवरी 2026: पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सरकारी महिंद्रा कॉलेज, पटियाला में “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सहायता प्राप्त और सरकारी कॉलेजों के नोडल अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य युवाओं में नशा रोकथाम को लेकर जागरूकता को और मजबूत करना था।
डॉ. बलबीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नशा मुक्त और रंगला पंजाब बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही 10 लाख रुपये की बीमा योजना की जानकारी भी साझा की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा, 24 घंटे बिजली आपूर्ति, पार्कों और खेल मैदानों के विकास तथा बाढ़ राहत जैसे कई जनहितैषी कार्यों के माध्यम से पंजाब को खुशहाल बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
कार्यक्रम का संचालन सरकारी महिंद्रा कॉलेज, पटियाला की प्रिंसिपल डॉ. निश्ठा त्रिपाठी ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों की भूमिका जागरूक, जिम्मेदार और स्वस्थ युवा पीढ़ी तैयार करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नोडल अधिकारियों से अपील की कि वे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में नशा विरोधी गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित करें।
स्वास्थ्य मंत्री ने शिक्षकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे छात्रों में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाएं और उनके खान-पान व व्यवहार पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वस्थ युवा ही पंजाब को प्रगति के मार्ग पर आगे ले जा सकते हैं। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि यदि कोई छात्र नशे की लत का शिकार है तो उसे डी-एडिक्शन सेंटर में भेजकर इलाज करवाया जा सकता है। सरकार नशा छुड़वाने के बाद युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवा रही है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पंजाब सरकार के उच्च शिक्षा विभाग और डाटा इंटेलिजेंस एवं तकनीकी सहायता इकाई द्वारा भारत सरकार की “नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन” योजना के तहत आदित्य बिरला एजुकेशन ट्रस्ट के सहयोग से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का समन्वय नोडल अधिकारी डॉ. गुरप्रीत कौर संधू द्वारा किया गया। यह पहल पंजाब सरकार की नशों के खिलाफ व्यापक मुहिम “युद्ध नशों के विरुद्ध” का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।






