नई दिल्ली, 22 जनवरी 2026: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को अदालत से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली आबकारी नीति मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जुड़े अवमानना प्रकरण में राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष अदालत ने केजरीवाल को बरी कर दिया है।
यह मामला दिल्ली एक्साइज पॉलिसी की जांच के दौरान ईडी द्वारा जारी समन की कथित अवहेलना से जुड़ा था। आरोप था कि बार-बार समन जारी किए जाने के बावजूद अरविंद केजरीवाल ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए, जिसके चलते एजेंसी को राउज एवेन्यू कोर्ट का रुख करना पड़ा।
राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने यह आदेश पारित किया। दरअसल, ईडी ने फरवरी 2024 में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ याचिका दायर करते हुए कहा था कि उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की धारा 50 के तहत जारी समनों का पालन नहीं किया।
पांच बार जारी हुए थे समन
कथित घोटाले की जांच के सिलसिले में अलग-अलग तारीखों पर ईडी की ओर से कुल पांच समन जारी किए गए थे, लेकिन अरविंद केजरीवाल केंद्रीय एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए। दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच ईडी ने 17 अगस्त 2022 को शुरू की थी, जब सीबीआई ने वर्ष 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला दर्ज किया था।
एलजी की शिकायत पर दर्ज हुआ था केस
सीबीआई ने यह मामला 20 जुलाई 2022 को उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना की शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। इसके बाद 22 अगस्त 2022 को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। आगे चलकर इस मुख्य मामले में अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार भी किया गया था, हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।
अदालत के इस फैसले को अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी कानूनी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।






