नई दिल्ली ,22 जनवरी 2026: 1984 के सिख नरसंहार से जुड़े एक मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी कर दिया है। यह मामला दिल्ली के जनकपुरी और विकासपुरी इलाकों में भड़की हिंसा के दौरान दो व्यक्तियों की हत्या से जुड़ा था, जिसमें वर्ष 2015 में सज्जन कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने मामले में अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद 22 जनवरी के लिए फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे सुनाते हुए अदालत ने सज्जन कुमार को दोषमुक्त करार दिया। इस दौरान सज्जन कुमार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत में पेश किया गया।
गौरतलब है कि फरवरी 2015 में विशेष जांच टीम (SIT) ने 1984 के दंगों के दौरान जनकपुरी और विकासपुरी में हुई हिंसा की शिकायतों के आधार पर सज्जन कुमार के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की थीं। पहली एफआईआर जनकपुरी की घटना से संबंधित थी, जहां 1 नवंबर 1984 को सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या कर दी गई थी। दूसरी एफआईआर गुरचरण सिंह के मामले में दर्ज की गई थी, जिन्हें कथित तौर पर 2 नवंबर 1984 को विकासपुरी में जिंदा जला दिया गया था।
अदालत के इस फैसले के बाद 1984 दंगों से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।






