पटियाला, 21 जनवरी 2026: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत पटियाला फाउंडेशन ने अपने ह्यूमन एम्बुलेंस प्रोग्राम के तहत 20 जनवरी 2026 को थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला में फर्स्ट रिस्पॉन्डर प्रोग्राम और फर्स्ट एड प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया।
यह प्रशिक्षण कार्यशाला दो भागों में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों को जीवन रक्षक कौशल, प्राथमिक ट्रॉमा केयर का ज्ञान और सड़क दुर्घटनाओं व मेडिकल आपात स्थितियों में प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने का आत्मविश्वास प्रदान करना था।
कार्यशाला का पहला भाग बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) प्रशिक्षण सत्र था, जिसे मणिपाल हॉस्पिटल्स की विशेषज्ञ टीम ने आयोजित किया। इस सत्र का नेतृत्व डॉ. जगदीप सिंह (हेड – इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर) ने किया। इस प्रशिक्षण में फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स को गोल्डन ऑवर का सही उपयोग करना सिखाया गया।
दूसरा भाग ह्यूमन एम्बुलेंस प्रोग्राम के अंतर्गत फर्स्ट एड प्रशिक्षण का था, जिसे काका राम वर्मा ने संचालित किया। उन्होंने प्रतिभागियों को वे प्राथमिक उपचार प्रक्रियाएं सिखाईं, जिनकी जानकारी हर व्यक्ति को होनी चाहिए।
अब तक इस कार्यक्रम के तहत पटियाला फाउंडेशन 435 लोगों को प्रशिक्षित कर चुका है।
इस अवसर पर डीएसपी (ट्रैफिक) श्री पुनीत सिंह चहल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और पटियाला फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की। उनके साथ सुश्री मनप्रीत कौर, एआरटीओ भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का सफल आयोजन सुश्री मीनाक्षी राणा (डीन, स्टूडेंट्स अफेयर्स) और डॉ. सोनम दुल्लत (सीनियर मैनेजर, TICC, थापर इंस्टीट्यूट) के नेतृत्व में हुआ, जिनकी टीम में TICC के स्वयंसेवक और अन्य उत्साही प्रतिभागी शामिल थे।
कार्यशाला पर प्रतिक्रिया देते हुए पटियाला फाउंडेशन के सीईओ श्री रवी सिंह अहलूवालिया ने कहा,
“मुझे थापर यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए आयोजित बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) कार्यशाला की सफल आयोजना पर प्रसन्नता है। युवाओं को सीपीआर, ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED) के उपयोग और मेडिकल आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया जैसे जीवन रक्षक कौशल से लैस करना केवल शैक्षणिक अभ्यास नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण जन सुरक्षा पहल है।”
उन्होंने थापर यूनिवर्सिटी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहलें जिम्मेदार नागरिक तैयार करती हैं और यह सिद्ध करती हैं कि प्रशिक्षित आम नागरिकों द्वारा समय पर उठाया गया कदम आपातकालीन प्रतिक्रिया की सबसे मजबूत कड़ी है।
पटियाला फाउंडेशन राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत जिला प्रशासन, पटियाला के सहयोग से सड़क सुरक्षा जागरूकता, जिम्मेदार व्यवहार और आपात तैयारी को बढ़ावा देने के लिए लगातार विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर रहा है।
जनवरी माह के दौरान फाउंडेशन ने त्रिपुरी लेबर चौक, किला चौक, गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब साइकिल स्टैंड और पोलो ग्राउंड, पटियाला सहित कई प्रमुख स्थानों पर CHIPKAR कैंप आयोजित किए। इन शिविरों के माध्यम से विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। 500 से अधिक साइकिलों पर सेफ्टी स्टिकर लगाए गए और लगभग 5,000 लोगों को ऑनलाइन जागरूकता अभियानों के माध्यम से संवेदनशील बनाया गया।
इसके अतिरिक्त, जी.एस.एस.एस. ओल्ड पुलिस लाइन्स, मॉडल टाउन और सिविल लाइन्स जैसे सरकारी स्कूलों में सड़क सुरक्षा जागरूकता व्याख्यान आयोजित किए गए, जहां छात्रों को ट्रैफिक नियमों, पैदल यात्री सुरक्षा, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग तथा जिम्मेदार सड़क व्यवहार के बारे में जानकारी दी गई।
जनवरी के अंतिम सप्ताह में और अधिक स्कूलों में जागरूकता सत्र और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि इसका प्रभाव व्यापक स्तर तक पहुंचे।
इस अवसर पर पटियाला फाउंडेशन के संस्थापक एवं सीईओ श्री रवी सिंह अहलूवालिया ने कहा,
“सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं है, यह जिम्मेदारी और करुणा का विषय है। जागरूकता, प्रशिक्षण और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से हम सुरक्षित सड़कें बनाने और नागरिकों को जीवन बचाने के लिए सशक्त करना चाहते हैं।”
पटियाला फाउंडेशन की टीम अपने समर्पित स्वयंसेवकों आदित्य जसरोटिया, कवलप्रीत सिंह और टीम सदस्यों सुश्री अभिनंदन बस्सी, सुश्री निशु गुप्ता और श्री रावलदीप सिंह के साथ मिलकर लगातार जमीनी स्तर पर कार्य कर रही है, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि सड़क सुरक्षा हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
पटियाला फाउंडेशन शिक्षा, सहयोग और कार्य के माध्यम से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के अपने मिशन पर दृढ़ता से कार्यरत है।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
रवी सिंह अहलूवालिया
संस्थापक एवं सीईओ
पटियाला फाउंडेशन
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