चंडीगढ़, 20 जनवरी 2026: हरियाणा सरकार ने राज्य भर में स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं के दौरान सिख छात्रों और विवाहित महिला अभ्यर्थियों को होने वाली बार-बार की समस्याओं को देखते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, परीक्षाओं में शामिल होने वाले सिख छात्रों और अभ्यर्थियों को निर्धारित सीमा के भीतर कृपाण पहनने और साथ ले जाने की अनुमति दी जाएगी। कृपाण की कुल लंबाई 9 इंच (22.86 सेमी) से अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि उसकी धार (ब्लेड) की लंबाई 6 इंच (15.24 सेमी) से अधिक नहीं होगी। ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम एक घंटे पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विवाहित महिला अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान मंगलसूत्र पहनने की अनुमति होगी। इन महिला अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले रिपोर्ट करना होगा।
यह निर्णय माननीय दिल्ली हाईकोर्ट और माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के विभिन्न फैसलों के मद्देनज़र लिया गया है, जिनमें धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ परीक्षाओं के सुचारू संचालन पर जोर दिया गया है।
सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और भर्ती एजेंसियों के प्रमुखों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें, ताकि परीक्षा ड्यूटी में तैनात स्टाफ, निरीक्षक (इन्विजिलेटर) और सुरक्षा कर्मियों को इन नियमों की पूरी जानकारी हो और किसी भी अभ्यर्थी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।






