चंडीगढ़, 12 जनवरी 2026: भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार और निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका वापस ले ली है। इसके चलते हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को वापस लेने के आधार पर खारिज कर दिया।
याचिका में हरचरण सिंह की ओर से दलील दी गई थी कि उनका मामला पंजाब से संबंधित है, ऐसे में सीबीआई चंडीगढ़ को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी करने का अधिकार नहीं था। याचिका में यह भी कहा गया था कि वे पंजाब कैडर के अधिकारी हैं, इसलिए उनकी गिरफ्तारी से पहले पंजाब सरकार से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य था।
गौरतलब है कि सीबीआई ने 29 अक्टूबर को हरचरण सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। उसी दिन पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भी उनके खिलाफ इसी आरोप में अलग से एफआईआर दर्ज की थी। कानून के अनुसार, एक ही आरोप में दो अलग-अलग मामले दर्ज करना या दो समानांतर जांच चलाना वैध नहीं माना जाता।
इस मामले में हाईकोर्ट से कोई राहत न मिलने के बाद हरचरण सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन वहां से भी उन्हें झटका लगा। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए उन्हें पुनः हाईकोर्ट जाने के निर्देश दिए थे।
आज हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान हरचरण सिंह ने अपनी याचिका वापस ले ली, जिसके परिणामस्वरूप अदालत ने उसे खारिज कर दिया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई अब जांच एजेंसियों द्वारा जारी रखी जाएगी।






