जालंधर, 4 जनवरी 2026: पंजाब के जालंधर जिले के शहर गोराया निवासी मनदीप, जो बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश गया था, करीब ढाई साल बाद ताबूत में बंद होकर अपने घर लौटा। बेटे का पार्थिव शरीर देखकर माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
परिजनों के अनुसार, मनदीप को जबरन रूस की सेना में भर्ती कर लिया गया था, जहां युद्ध के दौरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई। मनदीप के भाई ने बताया कि वह कई बार रूस गया था और इस बार डीएनए जांच कराई गई, जिसमें शव का डीएनए उसके भाई से मेल खा गया। इसके बाद रूसी सरकार ने मनदीप का शव परिवार को सौंपा।
बताया गया है कि मनदीप की मां पिछले दो वर्षों से बेटे के लौटने का इंतजार कर रही थी, लेकिन जब उसका पार्थिव शरीर ताबूत में बंद होकर पहुंचा तो परिवार का दुख असहनीय हो गया। घर में हर आंख नम है और माता-पिता की हालत देखी नहीं जा रही।
यह दर्दनाक घटना विदेशों में काम के नाम पर युवाओं के साथ हो रहे शोषण और खतरों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।






