नई दिल्ली, 29 दिसंबर 2025: देश में तेजी से बढ़ते साइबर धोखाधड़ी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ठोस और दीर्घकालिक उपायों की ओर बढ़ रही है। इसी कड़ी में 2026 तक सीएनएपी (कॉलर नेम प्रेजेंटेशन) और सिम-बाइंडिंग जैसे नए नियम लागू किए जाएंगे, जिससे कॉल और मैसेजिंग से जुड़े फ्रॉड पर प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा।
सीएनएपी प्रणाली के तहत फोन पर कॉल आने पर कॉलर का सत्यापित नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा, जो सिम के केवाईसी विवरण से जुड़ा होगा। इससे ठगों द्वारा बैंक या सरकारी अधिकारी बनकर धोखा देना मुश्किल हो जाएगा। वहीं, सिम-बाइंडिंग नियमों के अनुसार मैसेजिंग ऐप्स पर खाता उसी फिजिकल सिम से जुड़ा रहेगा; सिम हटते ही खाता स्वतः निष्क्रिय हो जाएगा।
सरकार, आरबीआई, एनपीसीआई, ट्राई और दूरसंचार विभाग मिलकर इस रणनीति पर काम कर रहे हैं। इन नियमों के लागू होने से आम उपभोक्ताओं को कॉल और मैसेजिंग में अधिक सुरक्षा और पारदर्शिता मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, यह कदम देश की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।






