जालंधर, 28 दिसंबर 2025: आदमपुर हलके के इंचार्ज, पंजाब स्टेट एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट बैंक के चेयरमैन और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता पवन कुमार टीनू ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी)” बिल पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इसे मनरेगा जैसे ऐतिहासिक और जनहितकारी कानून को कमजोर करने की साजिश करार देते हुए एक और “काला कानून” बताया।
जालंधर के सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए टीनू ने कहा कि मनरेगा करोड़ों गरीबों और मजदूरों के लिए जीवन रेखा है, जो 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी देता है। लेकिन नया बिल इस गारंटी को खत्म करने की दिशा में कदम है, क्योंकि इसमें रोजगार की अवधि केंद्र सरकार के बजट पर निर्भर कर दी गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नए बिल के तहत मनरेगा की फंडिंग में बदलाव कर 40 प्रतिशत वित्तीय बोझ राज्यों पर डाल दिया गया है, जो पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। साथ ही, बायोमेट्रिक हाजिरी और स्मार्टफोन की अनिवार्यता को मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण मजदूरों को काम और मजदूरी से वंचित किया जा सकता है।
पवन टीनू ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस जनविरोधी बिल का हर स्तर पर विरोध करेगी और मजदूरों, किसानों व गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।






