चंडीगढ़, 28 दिसंबर 2025: आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्र सरकार और भाजपा पर नई मजदूर विरोधी नीति लाने का आरोप लगाया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलकर नया कानून लाने के बहाने इस गरीब-हितैषी योजना को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
धालीवाल ने कहा कि वर्ष 2005 में शुरू हुई मनरेगा योजना गरीबों और मजदूरों के लिए जीवनरेखा रही है, जिसके माध्यम से गांवों में विकास कार्यों के साथ-साथ रोजगार मिलता था। लेकिन अब केंद्र सरकार 100 प्रतिशत फंड देने के बजाय 60:40 का फार्मूला लागू कर रही है, जिससे 40 प्रतिशत का बोझ राज्यों पर डाल दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्यों के जीएसटी फंड पहले ही रोके हुए हैं, तो राज्य यह राशि कहां से लाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस नीति से ग्राम पंचायतों, ब्लॉक समितियों और जिला परिषदों के विकास कार्य ठप हो जाएंगे। पहले मनरेगा के तहत गांवों में सड़कें, तालाब, नालियां और अन्य जनहित के कार्य होते थे, लेकिन नई शर्तों के कारण यह सब करना मुश्किल हो जाएगा।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने कृषि सीजन के दौरान मनरेगा कार्यों को रोकने पर भी कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि यदि दो महीने तक मजदूरों को काम नहीं मिलेगा तो वे अपना गुजारा कैसे करेंगे। यह नीति सीधे तौर पर गरीब मजदूरों के मुंह से रोटी छीनने के बराबर है।
आप विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अमीरों के पक्ष में नीतियां बना रही है और गरीबों के अधिकार छीन रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी मनरेगा में किए जा रहे इन बदलावों का डटकर विरोध करेगी और गरीबों, मजदूरों व किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक बड़ा संघर्ष करेगी।






