स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर उठाए सवाल
शिमला, 27 दिसंबर 2025: आईजीएमसी शिमला में हुए विवाद के बाद नौकरी से टर्मिनेट किए गए डॉक्टर डॉ. राघव नरूला की मां रजनी नरूला ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपनी चुप्पी तोड़ी। इस दौरान वह बेहद भावुक नजर आईं और अपने आंसू नहीं रोक सकीं। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी बच्चा अपने माता-पिता के बारे में अपशब्द नहीं सुन सकता और इसी वजह से यह विवाद बढ़ा।
रजनी नरूला ने कहा कि इस पूरे मामले में बड़ों की सूझबूझ की कमी सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मरीज अर्जुन सिंह के पिता ने समझदारी से काम लिया होता, तो मामला वहीं सुलझ सकता था। उनके अनुसार, मरीज के पिता दोनों बच्चों से बात कर सकते थे और उन्हें समझाकर मामला खत्म कर सकते थे। उन्होंने कहा, “अगर मां-बाप बच्चों को उग्र करने की बजाय समझाएं, तो ऐसी घटनाएं कभी नहीं होंगी।”
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर भी गंभीर सवाल उठाए। रजनी नरूला ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने बिना किसी जांच के उनके बेटे को दोषी ठहरा दिया और सार्वजनिक रूप से उसे ‘गुंडा’ कह दिया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पूछा कि क्या मंत्री ने इस मामले की कोई निष्पक्ष जांच करवाई थी।
डॉ. राघव नरूला की मां ने बर्खास्तगी के फैसले को भी जल्दबाजी भरा करार देते हुए कहा कि बिना पूरी सच्चाई जाने इस तरह का फैसला उनके बेटे और पूरे परिवार के साथ अन्याय है।






