तीन मुख्य आरोपी चिन्हित, 25 बैंक खाते फ्रीज
पटियाला 26 दिसंबर 2025: पूर्व आईजी अमर सिंह चाहल से जुड़े साइबर ठगी मामले में पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली है। पुलिस ने इस मामले में 25 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है और करीब 3 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन को ब्लॉक किया गया है। यह मामला कुल 8.10 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी से संबंधित बताया जा रहा है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस साइबर ठगी गिरोह के तार महाराष्ट्र से जुड़े हुए हैं। आरोपी व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय समूहों के माध्यम से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस के अनुसार, ठगों ने कई फर्जी पहचान और अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल कर बड़ी रकम का लेन-देन किया।
जांच के दौरान 25 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है, जिनके जरिए लगभग 3 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़ित की ओर से पहले किसी प्रकार की औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। घटनास्थल से पुलिस को 16 पन्नों का एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें पूर्व आईजी ने अपनी आत्महत्या के प्रयास के पीछे के कारणों का जिक्र किया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि अमर सिंह चाहल ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए थे, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अमर सिंह चाहल वर्ष 2019 में सेवानिवृत्त हुए थे और पटियाला के अर्बन एस्टेट इलाके में अपने परिवार के साथ रहते हैं।
कुछ दिन पहले दोपहर करीब 1:30 बजे उन्होंने अपने घर के आंगन में राइफल से सीने में गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास किया था। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।






