पंचकूला में कार्यक्रम को किया संबोधित
पंचकूला, 25 दिसंबर 2025: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वीर बाल दिवस के अवसर पर दशम पिता गुरु गोबिंद सिंह जी और वीर साहिबजादों के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि यह दिन केवल शहादत को याद करने का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रभक्ति, धर्म और मानव मूल्यों के प्रति अडिग समर्पण की चेतना जागृत करने का अवसर है।
पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि जिस देश में एक पिता अपने चार पुत्रों को देश और धर्म की रक्षा के लिए बलिदान करने से पीछे न हटे, वह राष्ट्र कभी पराजित नहीं हो सकता। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने साहिबजादों के बलिदान पर आधारित कॉफी टेबल बुक और हरियाणा सरकार के विजन डॉक्यूमेंट–2047 का विमोचन किया। साथ ही 1984 के सिख दंगों में मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी के नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। उन्होंने कहा कि पीड़ित सिख परिवारों को न्याय और सम्मानजनक रोजगार देना राज्य सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
अमित शाह ने गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोबिंद सिंह जी तक सिख गुरु परंपरा के त्याग, साहस और सर्वधर्म समभाव को नमन किया। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी, माता गुजरी जी और वीर साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान को भारत की नैतिक शक्ति का प्रतीक बताया।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय लिया गया, ताकि देश के बच्चे साहिबजादों के जीवन से प्रेरणा ले सकें। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को साहिबजादों के बलिदान की गाथा सुनाएं, ताकि साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति के मूल्य पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ते रहें।






