29 दिसंबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन
अमृतसर, 24 दिसंबर 2025: किसान मजदूर मोर्चा भारत ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) में किए गए हालिया बदलावों की कड़ी आलोचना की है। संगठन का आरोप है कि नई नीतियों का उद्देश्य देशभर में MGNREGA मजदूरों को रोजगार से वंचित करना है।
मोर्चा का कहना है कि DDPO कार्यालयों और पंचायतों से कार्यान्वयन की शक्तियां छीनकर केंद्र सरकार कामों की मंजूरी और रोजगार देने का नियंत्रण अपने हाथ में ले रही है, जिससे स्थानीय स्वशासन कमजोर होगा। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि MGNREGA के बजट में करीब 40 प्रतिशत की कटौती की गई है।
मोर्चा के अनुसार, पंजाब में लगभग 11–12 लाख जॉब कार्ड धारक हैं, जबकि देशभर में करीब 12 करोड़ लोग MGNREGA पर निर्भर हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि मजदूरों को बेरोजगार कर कॉरपोरेट घरानों को सस्ता श्रम उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
इन नीतियों के विरोध में किसान मजदूर मोर्चा भारत ने 29 दिसंबर को पंजाब के सभी जिला मुख्यालयों पर केंद्र सरकार के पुतले जलाने का ऐलान किया है। साथ ही, संगठन ने MGNREGA को पुराने स्वरूप में बहाल करने, साल में 200 दिन काम की गारंटी देने और दैनिक मजदूरी 700 रुपये करने की मांग की है। मोर्चा ने केंद्र सरकार के चार श्रम कानूनों का भी विरोध दोहराया है।
इससे पहले तमिलनाडु में DMK नीत गठबंधन ने MGNREGA के नाम और स्वरूप में बदलाव के खिलाफ चेन्नई में प्रदर्शन किया था। नेताओं ने इसे महात्मा गांधी की विरासत को कमजोर करने की कोशिश बताया।






