पटियाला, 8 दिसंबर:
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट पटियाला, श्रीमती सिमरप्रीत कौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए, जिला पटियाला के अंदर अनधिकृत तौर पर सीमन का भंडारण/परिवहन करने, उपयोग करने या बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिले में यह आदेश 5 दिसंबर 2026 तक लागू रहेंगे।
आदेशों में कहा गया है कि उप निदेशक पशुपालन विभाग ने ध्यान में लाया है कि विभिन्न स्थानों पर नकली सीमन बिकने के कारण राज्य के पशुधन की सुधरी नसल खराब होने का अंदेशा है। ऐसा होने की सूरत में विभाग द्वारा पिछले लंबे समय से पशुओं की नसल सुधार के लिए किए जाने वाले सभी प्रयास बेकार हो जाएंगे।
पंजाब राज्य में विभिन्न स्थानों पर नकली और अनधिकृत तौर पर बेचे/खरीदे जा रहे सीमन का उपयोग करना राज्य की ब्रीडिंग नीति के अनुसार उचित नहीं है, क्योंकि ऐसा करने से राज्य के पशुधन की नसल खराब होने का खतरा है। ऐसे सीमन की वंशावली (Pedigree) के बारे में कुछ पता नहीं होता। इससे पशुधन की उत्पादकता पर बुरा असर पड़ सकता है, जिसका असर तुरंत पता नहीं लगता बल्कि आने वाले समय में दिखाई देगा। इस प्रकार अनधिकृत सीमन बेचना एक बहुत गंभीर मामला है, जिसका समाधान करना बहुत जरूरी है।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि यह आदेश निम्नलिखित पर लागू नहीं होंगे:
- पशुपालन विभाग पंजाब के सभी वेटरनरी संस्थान, जिनमें पशु अस्पताल/डिस्पेंसरी और पॉलीक्लिनिक शामिल हैं।
- पशुपालन विभाग पंजाब, मिल्कफैड, और कॉलेज ऑफ वेटरनरी साइंस, गडवासू लुधियाना द्वारा चलाए जा रहे आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन सेंटर।
- कोई अन्य आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन सेंटर जो पशुपालन विभाग पंजाब द्वारा प्रोसेस और सप्लाई या इम्पोर्ट किए गए बोवाइन सीमन का उपयोग कर रहे हैं।
- प्रोग्रेसिव डेयरी फार्म्स एसोसिएशन, पंजाब के सदस्य जिन्होंने केवल अपने पशुओं के उपयोग के लिए बोवाइन सीमन इम्पोर्ट किया हो।






