चंडीगढ़, 5 दिसंबर, 2025: पंजाब में 4 दिसंबर को जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों की नामांकन प्रक्रिया के दौरान हुई कथित हिंसा और धक्का-मुक्की का मामला अब अदालत तक पहुँच गया है। प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर हस्तक्षेप की मांग की।
बाजवा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि कांग्रेस उम्मीदवारों को नामांकन भरने से रोकने के लिए हिंसा, सत्ता का दुरुपयोग और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय मुख्य न्यायाधीश ने मौखिक अपील स्वीकार करते हुए इस पर सोमवार, 8 दिसंबर 2025 को सुनवाई तय कर दी है।
याचिका, जिसे उनके वकील अरशप्रीत खड़ियाल ने दायर किया है, में मांग की गई है कि जिन उम्मीदवारों को हिंसा और अव्यवस्था के कारण अपने कागज़ दाख़िल करने का मौका नहीं मिला, उन्हें नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ाकर राहत दी जाए।
बाजवा ने उन पुलिस अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जो कथित तौर पर आम आदमी पार्टी सरकार के निर्देश पर काम कर रहे थे और जिन्होंने या तो हिंसा रोकने में लापरवाही बरती या पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया। उनका आरोप है कि पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है।
इसके साथ ही, उन्होंने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी चुनाव प्रक्रिया की निगरानी हेतु एक स्वतंत्र पर्यवेक्षक नियुक्त करने की भी मांग की है। अब सोमवार को होने वाली सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।






