पटियाला, 5 दिसंबर : शुक्रवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पार्क अस्पताल, पटियाला के सीनियर कंसलटेंट-कार्डियोलॉजी डॉ. हरसिमरनजीत सिंह, कंसलटेंट-कार्डियोलॉजी डॉ. अर्शदीप सिंह, सीटीवीएस कंसलटेंट डॉ. सिद्धार्थ गर्ग, कंसलटेंट-कार्डियक एनेस्थीसिया डॉ. अर्जुन प्रताप जोशी और वाइस प्रेसिडेंट-मेडिकल ऑपरेशंस डॉ. ब्रह्मप्रकाश की टीम ने घोषणा की कि अस्पताल ने 200 सफल कार्डियक सर्जरी पूरी कर ली हैं। टीम ने बताया कि इस उपलब्धि के साथ पार्क अस्पताल, पटियाला अब कार्डियक साइंसेज में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बन गया है। पार्क अस्पताल उत्तर भारत का सबसे बड़ा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल नेटवर्क है, जिसमें 19 अस्पताल, 3500 बिस्तर, 800 आईसीयू बेड, 14 कैथ लैब, 45 मॉड्यूलर ओटी और 1000 से अधिक डॉक्टर शामिल हैं।
सीटीवीएस कंसलटेंट डॉ. सिद्धार्थ गर्ग ने बताया कि पार्क अस्पताल पटियाला में प्राथमिक एंजियोप्लास्टी, जटिल एंजियोप्लास्टी, बाइवेंट्रिकुलर पेसमेकर (सीआरटी), कॉम्बो डिवाइस, आईसीडी, कैरोटिड धमनी स्टेंटिंग, टीएवीआर/टीएवीआई, परिधीय धमनी और घुटने के नीचे के इंटरवेंशन, महाधमनी विच्छेदन प्रबंधन सहित कार्डियक साइंसेज की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां सीएबीजी, वाल्व रिप्लेसमेंट, एएसडी, वीएसडी जैसी सभी प्रकार की सीटीवीएस सर्जरी एक ही छत के नीचे की जाती हैं।
सीनियर कंसलटेंट-कार्डियोलॉजी डॉ. हरसिमरनजीत सिंह ने कहा कि भारत में लगभग 30 मिलियन लोग कोरोनरी धमनी रोग से पीड़ित हैं, और देश में लगभग 27 प्रतिशत मौतें हृदय रोगों के कारण होती हैं। आने वाले समय में भारत दुनिया में हृदय रोग के सबसे अधिक मामलों वाला देश बन सकता है।
कंसलटेंट-कार्डियोलॉजी डॉ. अर्शदीप सिंह ने बताया कि हाल के आंकड़ों के अनुसार शहरी आबादी का लगभग 30 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 15 प्रतिशत आबादी उच्च रक्तचाप और दिल के दौरे से प्रभावित है।
कंसलटेंट-कार्डियक एनेस्थीसिया डॉ. अर्जुन प्रताप जोशी ने कहा कि हृदय रोगों के जोखिम कारकों के बढ़ने के साथ ही मृत्यु दर भी बढ़ती जा रही है। वहीं, वाइस प्रेसिडेंट-मेडिकल ऑपरेशंस डॉ. ब्रह्मप्रकाश ने कहा कि टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीजों में सामान्य व्यक्तियों की तुलना में हृदय रोग का खतरा 2 से 3 गुना अधिक होता है। वर्तमान में भारत में मधुमेह के 100 मिलियन मरीज हैं, और यह संख्या 2035 तक बढ़कर 135 मिलियन तक पहुंच सकती है।
सीईओ-पार्क अस्पताल पटियाला कर्नल राजुल शर्मा ने जानकारी दी कि पार्क अस्पताल पटियाला अब ईसीएचएस, सीजीएचएस, ईएसआई, आयुष्मान और सभी प्रमुख कॉर्पोरेट संस्थानों के साथ सूचीबद्ध है। अस्पताल में हृदय रोगों के लिए सभी प्रकार के गैर-इनवेसिव और सर्जिकल उपचार किए जाते हैं।
हृदय रोग के जोखिम को कम करने के टिप्स
धूम्रपान न करें।
उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल के जोखिम को पहचानें।
स्वस्थ वजन बनाए रखें और नियमित व्यायाम करें।
संतृप्त वसा कम खाएं और सब्जियों व फाइबर का सेवन बढ़ाएं।
अपने लिपिड प्रोफ़ाइल की जांच करवाएं और ट्रांस फैट व शराब से बचें।
वार्षिक निवारक स्वास्थ्य जांच करवाएं।
योग और ध्यान से तनाव नियंत्रित करें।
अपने होमोसिस्टीन स्तर की जानकारी रखें।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
छाती में दर्द, जकड़न या दबाव।
मतली, अपच या पेट में जलन।
दर्द का बांह तक फैलना।
चक्कर आना या ब्लड प्रेशर में गिरावट।
छाती से गले या जबड़े तक फैलता दर्द।
तेज चलने या सीढ़ियाँ चढ़ने पर सांस फूलना।
अत्यधिक खर्राटे या स्लीप एपनिया।
बिना कारण पसीना आना।
अनियमित दिल की धड़कन।
गुलाबी/सफेद बलगम वाली लगातार खांसी।
पैरों, पंजों या टखनों में सूजन।






