चंडीगढ़, 1 दिसंबर 2025: खडूर साहिब से सांसद और ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह की पैरोल याचिका पर आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। बता दें कि अमृतपाल सिंह इस समय राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। उन्होंने संसद के शीतकालीन सत्र में भाग लेने के लिए पंजाब सरकार द्वारा पैरोल देने से इनकार करने के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
पंजाब सरकार, पंजाब पुलिस और केंद्र सरकार को बनाया पक्ष
अमृतपाल की तरफ से दायर पिटीशन में पंजाब सरकार, पंजाब पुलिस और केंद्र सरकार को पक्षकार बनाया गया है। उनका तर्क है कि सूबे में हाल ही में आए बाढ़, कानून-व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को संसद में उठाने के लिए उनकी मौजूदगी अनिवार्य है।
सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट तक—कानूनी लड़ाई जारी
अमृतपाल सिंह इससे पहले सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने दलील दी थी कि एक सांसद के तौर पर संसद की कार्यवाही में शामिल होना उनका संवैधानिक अधिकार है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी पिटीशन यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि पहले उन्हें उचित हाईकोर्ट में अपील करनी चाहिए। इसके बाद उनके वकीलों ने नवंबर में हाईकोर्ट का रुख किया।
पंजाब सरकार ने खुफिया रिपोर्टों के आधार पर पैरोल ठुकराई
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया था कि वह एक सप्ताह के भीतर अमृतपाल की पैरोल याचिका पर फैसला ले। इसके बाद पंजाब सरकार ने अमृतसर के डीसी और एसएसपी की खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए पैरोल देने से साफ इनकार कर दिया।
रिपोर्ट में कहा गया था कि अमृतपाल की रिहाई से कानून-व्यवस्था बिगड़ने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होने की आशंका है।
आज तय होगा—क्या संसद सत्र में शामिल हो पाएंगे अमृतपाल?
सरकार द्वारा पैरोल खारिज किए जाने के बाद अमृतपाल के वकीलों ने उस फैसले को भी हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है। आज होने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि क्या अदालत सरकार के निर्णय में हस्तक्षेप करती है या फिर अमृतपाल सिंह को 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में शामिल होने की अनुमति मिलती है।
इस मामले पर पूरे पंजाब की नजर टिकी हुई है।






