कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार 8 महीने के विरोध के बाद आखिरकार केंद्र के नए वक्फ संशोधन कानून को लागू करने पर तैयार हो गई है। राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य की 8063 वक्फ संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड 6 दिसंबर 2025 तक केंद्र की UMID वेबसाइट पर अपलोड किया जाए।
यह वही कानून है जिसे 4 अप्रैल 2025 को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिली थी। लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ने इसे अपने राज्य में लागू करने से इनकार कर दिया था।
8 अप्रैल को एक रैली में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि “जब तक ममता दीदी है, मुस्लिम समुदाय की संपत्ति को कोई नुकसान नहीं होगा। मुझे गोली मार दो लेकिन बंगाल में धर्म के नाम पर बंटवारा नहीं होने दूंगी।”
हालांकि, कानून को अदालत में चुनौती दिए जाने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद राज्य सरकार पर इसे लागू करने की कानूनी बाध्यता बन गई।
केंद्र सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी अविवादित वक्फ संपत्तियों का डेटा डेडलाइन तक UMID पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड होना चाहिए।
नए नियमों में वक्फ बोर्डों और मुतवल्लियों की जवाबदेही बढ़ाई गई है, और डेटा अपलोड करना राज्यों के लिए अब प्रशासनिक प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है।
ममता सरकार केंद्र के निर्देशों का पालन न करके किसी कानूनी विवाद में नहीं पड़ना चाहती, इसलिए अब राज्य कानून लागू करने के लिए तैयार हो गया है।






