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शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल का आह्वान — “सिख संस्थाओं और गुरुद्वारों का प्रबंधन वापस लेने के लिए एकजुट हों”

श्री आनंदपुर साहिब, 25 नवंबर : शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज सिख समुदाय से अपील की कि वे अकाली दल के बैनर तले संगठित हों, ताकि उन सिख संस्थाओं और गुरुद्वारों का प्रबंधन फिर से हासिल किया जा सके जिन पर केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों ने नियंत्रण कर लिया है।

नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर स्थानीय गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब में आयोजित गुरमत समागम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक सिख एक मंच पर एकजुट नहीं होंगे, वे अपने धार्मिक स्थलों की रक्षा नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि तख्त श्री हज़ूर साहिब और तख्त श्री पटना साहिब का प्रबंधन पार्टी से इसलिए छीना गया क्योंकि पार्टी कमजोर हो गई थी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के समर्थन से हरियाणा सरकार ने राज्य में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक समिति बना दी है।

सरदार बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा तीन शहरों को “पवित्र नगरी” का दर्जा देने की घोषणा की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को यह दर्जा 15 वर्ष पहले ही प्रकाश सिंह बादल सरकार दे चुकी है।

उन्होंने सिख समुदाय से अपील की कि वे उन ताकतों की पहचान करें जो कौम को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज यह समझना जरूरी है कि अपना कौन है और कौन ऐसे लोग हैं जो भीतर रहकर समुदाय को कमजोर कर रहे हैं।

सुखबीर बादल ने यह भी बताया कि किस प्रकार श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए शहादत दी, लेकिन आज कुछ राजनीतिक पार्टियाँ अपने लाभ के लिए धार्मिक आधार पर लोगों को एक-दूसरे से लड़ाने का काम कर रही हैं। उन्होंने सभी से गुरु साहिब की शिक्षाओं से प्रेरणा लेने और “सरबत दा भला” के सिद्धांत पर चलने की अपील की।

समागम के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज्ज और SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने भी गुरु तेग बहादुर साहिब जी के दर्शन और उनके संदेश की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर विचार साझा किए।

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