नई दिल्ली,25 नवंबर 2025: भारतीय रेलवे में यात्री कई बार ऐसे सामान के साथ सफर करते हैं जो सुरक्षा नियमों के खिलाफ होते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया जहां एक महिला यात्री ट्रेन के कोच में इलेक्ट्रिक केतली लगाकर मैगी बनाती हुई पकड़ी गई। रेलवे ने इसे गंभीर सुरक्षा उल्लंघन मानते हुए उस पर तुरंत कार्रवाई की।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन कोई निजी जगह नहीं बल्कि एक पब्लिक सर्विस है जहाँ सैकड़ों लोग एक साथ सफर करते हैं। ऐसे में हाई-वॉटेज उपकरणों का उपयोग बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों को केवल मोबाइल, लैपटॉप या पावर बैंक जैसे लो-वॉटेज डिवाइस इस्तेमाल करने की ही अनुमति है।
ट्रेन की पावर सप्लाई घरेलू बिजली प्रणाली जैसी नहीं होती। इसका लोड निश्चित होता है और कोच की वायरिंग उसी हिसाब से की जाती है। इलेक्ट्रिक केतली, इंडक्शन, हीटर या अन्य हाई-वॉटेज उपकरण अत्यधिक लोड खींचते हैं, जिससे ओवरलोडिंग, शॉर्ट सर्किट, धुआं फैलने और आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
रेलवे एक्ट के सेक्शन 153 के तहत ट्रेन में किसी भी हाई-वॉल्टेज उपकरण के उपयोग पर जुर्माना और छह महीने तक की सजा हो सकती है। यदि इस कारण कोच में आग या धुआं फैलता है, तो सेक्शन 154 लागू होता है, जिसमें जुर्माना और दो साल तक की सजा का प्रावधान है।
रेलवे का संदेश स्पष्ट है — ट्रेन में केवल सुरक्षित और अनुमोदित उपकरण ही इस्तेमाल करें। नियमों का उल्लंघन यात्री सुरक्षा और ट्रेन संचालन, दोनों को गंभीर खतरे में डाल सकता है।






