सूरजपुर (छत्तीसगढ़), 25 नवंबर 2025: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक चौंकाने वाली और अमानवीय घटना सामने आई है, जहां एक निजी स्कूल के दो शिक्षकों ने कथित रूप से होमवर्क न करने पर एक छात्र को रस्सी से बांधकर पेड़ से लटका दिया। यह घटना हंसवाहिनी विद्या मंदिर में हुई, जिसकी वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है।
जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कार्रवाई
विकासखंड शिक्षा अधिकारी डी.सी. लकड़ा ने बताया, “जैसे ही जिला अधिकारी (DO) को घटना की जानकारी मिली, उन्होंने मुझे जांच के लिए भेजा। मैं मौके पर पहुंच चुका हूं। आज शाम 4 बजे तक पूरी रिपोर्ट जमा की जाएगी। उचित कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने कहा कि संस्था के प्रमुख और स्टाफ से पूछताछ की जाएगी। “मैंने घटना का वीडियो देखा है। संस्था प्रमुख ने माफी मांगी, लेकिन मैंने स्पष्ट कहा कि सिर्फ माफी से ऐसे कृत्य को रफा-दफा नहीं किया जा सकता। आधिकारिक शिकायत दर्ज होगी और मामला जिला प्रशासन के पास जाएगा।”
स्कूल प्रबंधन का विवादित बयान
हंसवाहिनी विद्या मंदिर के प्रबंधक सुभाष शिवहरे ने बताया, “दोनों शिक्षकों को निलंबित करने के आदेश दे दिए हैं।”
हालांकि, उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि यह ‘बच्चे को डर दिखाकर सबक सिखाने’ की प्रक्रिया थी।
उन्होंने कहा, “आजकल बच्चे डर के बिना नहीं सीखते। माता-पिता, परिवार या स्कूल—कहीं भी बच्चे नहीं मानते। आज hybrid बच्चे पैदा हो रहे हैं, और ऐसे बच्चों को सिखाने के लिए सज़ा ज़रूरी है।”
उनके इस बयान से सोशल मीडिया पर नाराजगी और बढ़ गई है।
दिल्ली में भी सामने आई थी ऐसी ही घटना
स्कूल में शिक्षकों द्वारा कथित उत्पीड़न से जुड़ी एक और घटना हाल ही में दिल्ली में सामने आई थी, जहां 16 वर्षीय कक्षा 10 के छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
इस घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों ने राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन किया, साथ ही दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
दिल्ली पुलिस द्वारा 18 नवंबर को दर्ज एफआईआर के अनुसार, छात्र ने कई बार अपने माता-पिता को शिक्षकों के अनुचित व्यवहार के बारे में बताया था, लेकिन उसकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
सूरजपुर की यह घटना शिक्षा प्रणाली में बढ़ रही क्रूर प्रथाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करती है, और अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।






