नई दिल्ली, 25 नवंबर 2025:
पूर्वी अफ्रीकी देश इथियोपिया में स्थित हैली गुब्बी ज्वालामुखी में लगभग 10,000 साल बाद हुए विशाल विस्फोट का असर अब भारत तक पहुँच गया है। रविवार को हुए इस धमाके से निकला राख का घना गुबार अरब सागर के रास्ते चलते हुए उत्तर भारत के आसमान में फैल गया है। इसके चलते हवाई यात्रा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। हालात को देखते हुए DGCA ने सभी एयरलाइनों को प्रभावित क्षेत्रों से बचने और उड़ान मार्ग बदलने के निर्देश जारी किए हैं।
कई उड़ानें रद्द, IndiGo ने बदले रूट
राख के बादल के खतरे को देखते हुए एयरलाइनों ने तुरंत अपनी उड़ानों में बदलाव शुरू कर दिया है।
* अकासा एयर ने जेदाह, कुवैत और अबू धाबी के लिए 24-25 नवंबर की सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं।
* KLM रॉयल डच एयरलाइंस ने अपनी एम्सटर्डम-दिल्ली सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
* IndiGo ने भी कई उड़ानों के मार्ग बदलकर यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है।
DGCA की सख़्त एडवाइजरी
DGCA ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एयरलाइनों को निर्देश दिया है कि—
* वे राख वाले क्षेत्रों या उन ऊँचाइयों से उड़ान ना भरें जहाँ राख का प्रभाव हो सकता है।
* पायलट उड़ान मार्ग व ईंधन योजना में बदलाव कर सुरक्षित विकल्प चुनें।
* इंजन में असामान्यता या केबिन में धुआँ दिखने पर तत्काल रिपोर्ट करें।
* हवाई अड्डे रनवे व टैक्सीवे पर राख की जाँच करें, आवश्यकता पड़ने पर संचालन रोकें।
* एयरलाइंस सैटेलाइट इमेज और मौसम विभाग से निरंतर अपडेट लेते रहें।
दिल्ली-NCR के ऊपर से गुजर रहा राख का बादल
सबसे अधिक असर दिल्ली-NCR, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के आसमान में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार राख का बादल रेड सी और ओमान पार करते हुए अब उत्तर भारत के ऊपर पहुँच चुका है। हालांकि राहत की बात यह है कि राख बहुत ऊँचाई पर है, इसलिए जमीन पर वायु गुणवत्ता पर तत्काल असर की संभावना कम है।
इसके बावजूद सभी संबंधित एजेंसियाँ स्थिति पर करीबी नज़र बनाए हुए हैं।






