बठिंडा, 25 नवंबर 2025:
पंजाब के बठिंडा ज़िले में चिकनगुनिया वायरस ने गंभीर रूप ले लिया है। शहर के कई वार्डों और कॉलोनियों में हालात इतने खराब हैं कि हर दूसरा घर इस बीमारी की चपेट में आ चुका है। लोग तेज बुखार और जोड़ों के असहनीय दर्द से कराह रहे हैं। कई गलियों में एक साथ 5 से 10 लोग बीमार पड़े हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिला स्वास्थ्य विभाग असली स्थिति उजागर करने के बजाय आंकड़ों को घटा-चढ़ाकर पेश कर रहा है।
महीनों बाद भी नहीं थम रहा जोड़ों का दर्द
चिकनगुनिया से ठीक होने के बाद भी लोग महीनों तक जोड़ों के दर्द से परेशान हैं। कई मरीज बिस्तर से उठने में सक्षम नहीं हैं, जिससे उनके कामकाज और निजी जीवन पर गहरा असर पड़ा है।
मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक, बुखार और दर्द के अलावा मरीजों में स्किन पीलिंग, रैशेज और लाल धब्बे भी देखने को मिल रहे हैं।
एंटीबायोटिक लेना हो सकता है खतरनाक
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि चिकनगुनिया एक वायरल बीमारी है और इसमें एंटीबायोटिक लेना हानिकारक हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह वायरस अब बठिंडा से आगे बढ़कर मानसा और सुनाम क्षेत्रों में भी फैल रहा है। पहले यह दक्षिण भारत में ज्यादा पाया जाता था, लेकिन अब उत्तरी भारत में तेजी से फैल रहा है।
‘बचाव ही सबसे बड़ा इलाज’ — स्वास्थ्य विभाग
जिला स्वास्थ्य विभाग के एसएमओ डॉ. उमेश गुप्ता ने कहा कि चिकनगुनिया से बचने के लिए फॉगिंग और सफाई सबसे कारगर तरीका है। यह बीमारी फैलाने वाले मच्छर दिन में काटते हैं, इसलिए लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञों की प्रमुख सलाह:
* घर में पानी जमा न होने दें
* मच्छर भगाने वाली दवाइयों का उपयोग करें
* लक्षण दिखते ही डॉक्टर से सलाह लें
* खुद से दवाइयां लेकर इलाज न करें
बठिंडा में चिकनगुनिया का तेजी से फैलना लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है और स्वास्थ्य विभाग अब रोकथाम के लिए अतिरिक्त प्रयास तेज कर रहा है।






