पटियाला, 20 नवंबर :
मुख्य कृषि अधिकारी, पटियाला ने बताया कि जिले में लगभग 2,30,000 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कृषि ब्लॉक अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी और कृषि उप-निरीक्षक खेतों में जाकर बोई गई गेहूं की फसल का सर्वेक्षण कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पटियाला जिले के विभिन्न ब्लॉकों के गांवों में खेतों में बोई गेहूं की फसल पर गुलाबी सुंडी, अन्य प्रकार के कीट–मकौड़े तथा सूक्ष्म तत्वों की कमी संबंधी सर्वेक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हल्की और मध्यम भूमि में मैंगनीज़ की कमी को पूरा करने के लिए किसान 0.5% मैंगनीज़ सल्फेट का उपयोग करें।
गेहूं की फसल को गुलाबी सुंडी से बचाने के लिए किसान हमेशा बीज का उपचार करें—
* 40 किलोग्राम बीज पर 160 मि.ली. क्लोरोपायरीफॉस या
* 80 मि.ली. इमिडाक्लोप्रिड तथा
* हेप्साकोनाज़ोल मिलाकर बुवाई करें।
यदि हमला अधिक हो जाए तो किसान—
* 7 किलो फिप्रोनिल या
* 1 लीटर क्लोरोपायरीफॉस 20 EC,
को 20 किलो महीन मिट्टी में मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं।
इसके विकल्प के रूप में प्रति एकड़
* 50 मि.ली. कोराज़िन 18.5 SC (क्लोरएंट्रानिलिप्रोल) को 80–100 लीटर पानी में घोलकर नेपसैक पंप द्वारा स्प्रे किया जा सकता है।
गुल्ली डंडा (Weed Problem) से छुटकारा पाने के लिए किसान—
* 1.5 लीटर स्टॉम्प,
* 13 ग्राम लीडर,
* 160 ग्राम टॉपिक,
को 1500 लीटर पानी में मिलाकर 30–35 दिनों के भीतर स्प्रे करें।
किसी भी प्रकार की समस्या के लिए किसान निम्नलिखित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं :
* ब्लॉक पटियाला – डॉ. गुरमीत सिंह (97791-60950)
* ब्लॉक नाभा – डॉ. जुपिंदर सिंह गिल (97805-60004)
* ब्लॉक भूनरहेड़ी – डॉ. मनदीप सिंह (70092-27488)
* ब्लॉक समाणा – डॉ. सतीश कुमार (97589-00047)
* ब्लॉक राजपुरा – डॉ. जुपिंदर सिंह पन्नूं (73070-59201)
* ब्लॉक घनौर – डॉ. रणजोध सिंह (99883-12299)






